New Delhi : भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस समझौते पर सवाल उठाते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, केंद्र सरकार और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए इसे भारत के लिए फायदेमंद बताया है। इस मुद्दे पर पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है।
राहुल गांधी के आरोप
राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका के साथ जो ट्रेड डील पिछले चार महीनों से रुकी हुई थी, उसमें कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। उनका आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी दबाव में आकर इस डील पर हस्ताक्षर किए। राहुल गांधी का कहना है कि यह समझौता भारत के लोगों, खासकर किसानों के हित में नहीं है। उन्होंने दावा किया कि इस डील से आम जनता को नुकसान हो सकता है।

सरकार का पलटवार
राहुल गांधी के आरोपों के बाद केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल सामने आए और मीडिया को सरकार का पक्ष बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ हुआ यह व्यापार समझौता भारत के भविष्य को नई दिशा देगा। पीयूष गोयल ने कहा कि यह डील भारत के 140 करोड़ लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगी और इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका अहम रही है।
टैरिफ घटने से राहत
वाणिज्य मंत्री ने बताया कि अमेरिका द्वारा भारत पर लगाया गया 50 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे देश के व्यापारियों, एक्सपोर्टर्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ी राहत मिली है। टेक्सटाइल, मशीनरी और अन्य सेक्टर के लोग लंबे समय से परेशान थे, जिन्हें अब इस डील से फायदा मिलेगा।
कृषि और डेयरी सेक्टर सुरक्षित
पीयूष गोयल ने साफ किया कि इस ट्रेड डील में भारत के सेंसिटिव सेक्टर, जैसे एग्रीकल्चर और डेयरी को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा किसानों और डेयरी से जुड़े लोगों के हितों को प्राथमिकता दी है। इस समझौते से इन क्षेत्रों की आय और अवसर बढ़ेंगे।
उद्योग और निवेश को बढ़ावा
सरकार के मुताबिक इस डील से टेक सेक्टर से लेकर मरीन सेक्टर तक खुशी का माहौल है। अमेरिका से हाई क्वालिटी टेक्नोलॉजी और इन्वेस्टमेंट भारत में आने की संभावना बढ़ी है। लघु और मध्यम उद्योग, आईटी सेक्टर और ऑटो कंपोनेंट्स से जुड़े निर्यातकों को भी इससे लाभ होगा।

अंतरराष्ट्रीय पहलू
इस बीच रूस के क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने भी बयान दिया कि भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी मजबूत है। उन्होंने कहा कि भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद रोकने को लेकर उन्हें कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। गौरतलब है कि यूक्रेन युद्ध के बाद भारत रूसी तेल का बड़ा खरीदार बना था, हालांकि अमेरिकी प्रतिबंधों के दबाव में कुछ रिफाइनरियों ने आयात रोका था।
आरोप-प्रत्यारोप जारी
पीयूष गोयल ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे नकारात्मक राजनीति कर रहे हैं और देश को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विपक्ष भारत के उज्ज्वल भविष्य के खिलाफ है। सरकार का कहना है कि इस ट्रेड डील से देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति मजबूत होगी।
कुल मिलाकर, भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और चर्चा में रहने वाला है।




