20 गांवों के रैयतों के साथ फोरलेन सड़क निर्माण में किया जा रहा भेदभाव, कांग्रेस ने..

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पलामू: NH 75 में सतबरवा प्रखंड के 20 गांव के रैयतों के साथ केंद्र सरकार फोरलेन सड़क निर्माण करने के नाम पर भेदभाव कर रही है और उन्हें बाजार मूल्य के हिसाब से उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। इसके लिए पलामू कमिश्नर से लेकर राज्य और केंद्र सरकार के पास मामले को लेकर जाएंगे। यह बातें कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री कृष्णानंद त्रिपाठी ने सोमवार को कही।

त्रिपाठी ने प्रखंड के खामडीह, रजडेरवा, सतबरवा और बकोरिया में रैयत संघर्ष मोर्चा के लोगों के साथ बैठक के दौरान कहा कि कोई भी सरकार लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकती है। इन रैयतों को बहुत ही कम राशि मुआवजा के तौर पर फिक्स किया गया है जबकि बाजार मूल्य के अनुरूप इन्हें ज्यादा मुआवजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रैयतों के साथ कमिश्नर से बात की जाएगी। जरूरत पड़ने पर राज्य और केंद्र सरकार के पास मुआवजा बढ़ाने को लेकर जाएंगे।

त्रिपाठी ने कहा कि सतबरवा प्रखंड के 20 गांवों से होकर भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बनने वाली सड़क निर्माण में 220 एकड़ से ज्यादा जमीन अधिग्रहण के लिए जमीन मापी के बाद पीलर गाड़ा गया है। यहां के रैयतों के द्वारा मुझे सूचना मिलने के बाद हम उनके साथ हर समय खड़े रहेंगे। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि भारत लोकतांत्रिक देश है। अंग्रेजी हुकूमत की तरह फरमान जारी नहीं करें।

रैयत संघर्ष समिति अध्यक्ष संत कुमार मेहता और महासचिव संजय कुमार यादव ने कहा कि इससे पूर्व 24 जून को अपर समाहर्ता तथा सदर अनुमंडल पदाधिकारी और भू-अर्जन पदाधिकारी के साथ बैठक हुई, जिसमें किसी प्रकार का हल नहीं निकल पाया।

उल्लेखनीय है कि लातेहार के उदयपुरा से पलामू के भोगू गांव तक फेज तीन में फोरलेन सड़क का निर्माण होना है। 350 रैयत के द्वारा अपर समाहर्ता कोर्ट में मुआवजा राशि बढ़ाने को लेकर मामला चल रहा है।

बैठक में बजरंगी साहू, बीस सूत्री अध्यक्ष राजकुमार प्रसाद, अविनाश प्रसाद, विजय मेहता, मोहम्मद साजिद, जयनाथ साहू, धर्मवीर प्रसाद, महेश प्रसाद, लाल बिहारी यादव, बृजभान सिंह, संतोष बैठा, दशरथ यादव, अरुण गांधी, पितांबर यादव, जितेंद्र चौधरी समेत सैकड़ो रैयत मौजूद थे।

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