Hazaribagh Land case : हजारीबाग जिले में सेवायत भूमि की कथित अवैध खरीद-बिक्री (illegal Buying and Selling) से जुड़े मामले में जेल में बंद रिटायर्ड IAS अधिकारी विनोद चंद्र झा को बड़ी राहत मिली है।
सोमवार को हुई सुनवाई के बाद झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) ने उन्हें जमानत दे दी। इस फैसले से लंबे समय से जेल में बंद अधिकारी को राहत मिली है।
जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में हुई सुनवाई
यह मामला हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में सुना गया। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें विस्तार से सुनी गईं। कोर्ट ने सभी तथ्यों और दस्तावेजों पर विचार करने के बाद जमानत देने का आदेश सुनाया।
अगस्त में दर्ज हुई थी प्राथमिकी, ACB ने किया था केस दर्ज
जानकारी के अनुसार, इस मामले में अगस्त महीने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने इसे कांड संख्या 9/2025 के रूप में दर्ज किया था।
इसी केस के आधार पर विनोद चंद्र झा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
ACB और बचाव पक्ष ने रखी अपनी-अपनी दलीलें
सुनवाई के दौरान ACB की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुमित गड़ोदिया ने कोर्ट में पक्ष रखा। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से वरीय अधिवक्ता आर एस मजूमदार ने आरोपी का पक्ष मजबूती से रखा।
जमानत के बाद जेल से बाहर आने का रास्ता साफ
कोर्ट के आदेश के बाद अब विनोद चंद्र झा को जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि मामला अभी जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के अधीन है, लेकिन जमानत मिलने से आरोपी को फिलहाल बड़ी राहत मिली है।




