Rising attacks on Jewellery Shops : पिछले कुछ महीनों में झारखंड के अलग-अलग जिलों में ज्वेलरी दुकानों में लूट और डकैती (Robbery) की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं।
इन घटनाओं ने न सिर्फ व्यापारियों में डर पैदा किया है, बल्कि कानून-व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इसी को देखते हुए CID ने हाल की घटनाओं की समीक्षा और अपराधियों तक पहुंचने की रणनीति बनाने के लिए एक अहम बैठक बुलाई है।
बैठक का उद्देश्य क्या है
इस बैठक का मुख्य मकसद बीते कुछ महीनों में हुई ज्वेलरी लूट की घटनाओं की मौजूदा जांच स्थिति की समीक्षा करना है।
साथ ही, अपराधियों की पहचान, उनकी गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई के लिए ठोस योजना तैयार करना भी एजेंडे में शामिल है।
सभी संबंधित केस IO को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने मामलों से जुड़े अपडेट रिकॉर्ड और अब तक की प्रगति रिपोर्ट के साथ बैठक में शामिल हों।

अपराधियों के निशाने पर ज्वेलरी शॉप
झारखंड के ज्वेलरी कारोबारी (Jeweler) इन दिनों अपराधियों के सीधे निशाने पर हैं। बीते सात महीनों में राज्य के 10 जिलों की अलग-अलग ज्वेलरी दुकानों से करीब 17 करोड़ रुपये मूल्य के गहनों की लूट और चोरी की घटनाएं सामने आई हैं।
हजारीबाग, जामताड़ा, जमशेदपुर, बोकारो, पलामू, गिरिडीह, साहिबगंज, देवघर, गढ़वा और रामगढ़ जैसे जिलों में हुई इन वारदातों से व्यापारिक वर्ग में दहशत का माहौल है।
पुलिस की कार्रवाई और चुनौती
पुलिस ने इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए कई मामलों में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी भी की है।
इसके बावजूद लगातार हो रही बड़ी वारदातों ने पुलिस के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। कहीं दिनदहाड़े लूट हो रही है तो कहीं रात में दुकान बंद करने के बाद वारदात को अंजाम दिया जा रहा है।
7 माह, 10 जिले और 15 बड़ी घटनाएं
पिछले सात महीनों में राज्य के अलग-अलग जिलों में लूट और चोरी की कई बड़ी घटनाएं दर्ज हुई हैं।
इनमें जामताड़ा के मुख्य बाजार में हुई लूट, गढ़वा में ज्वेलरी और वस्त्र दुकान से करीब 50 लाख की चोरी, रामगढ़ में करीब तीन करोड़ के गहनों की डकैती, हजारीबाग में पांच करोड़ की लूट, साहिबगंज में 15 लाख की चोरी और जमशेदपुर, बोकारो, देवघर व गिरिडीह में हुई कई अन्य घटनाएं शामिल हैं।
कुछ मामलों में अपराधी हथियारों के साथ पहुंचे और विरोध करने पर दुकानदारों पर हमला भी किया गया।
व्यापारियों में बढ़ती चिंता
लगातार हो रही इन घटनाओं से ज्वेलरी व्यापारियों में भारी असुरक्षा की भावना है। कई व्यापारी अब अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, तो कुछ अपने स्तर से सुरक्षा बढ़ाने को मजबूर हैं।
छात्र नजरिया
एक छात्र के तौर पर देखा जाए तो यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। अगर व्यापारी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे, तो इसका असर पूरे समाज और अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
उम्मीद है कि CID और Police की संयुक्त कोशिशों से अपराधियों पर लगाम लगेगी और ज्वेलरी दुकानों समेत आम लोगों की सुरक्षा मजबूत होगी।




