Rupesh Pandey Murder Case : रांची में रूपेश पांडेय हत्याकांड मामले में अदालत ने बड़ा और अहम फैसला सुनाया है। CBI कोर्ट, रांची ने इस मामले में तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
इसके साथ ही तीनों दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि जुर्माने की राशि नहीं दी जाती है, तो दोषियों को छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

CBI जांच के बाद आया फैसला
इस मामले की जांच CBI द्वारा की गई थी। सीबीआई की ओर से अदालत में कुल 15 गवाहों को पेश किया गया।
सजा सुनाए जाने के दिन तीनों दोषियों को जेल से Video Conferencing के माध्यम से अदालत में प्रस्तुत किया गया। विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार ने Video Conferencing के जरिए सजा सुनाई।
हाईकोर्ट के आदेश पर हुई थी जांच
गौरतलब है कि Jharkhand High Court के जस्टिस एस.के. द्विवेदी की अदालत ने 2 सितंबर 2022 को इस मामले में सीबीआई जांच का आदेश दिया था।
यह आदेश रूपेश पांडेय की मां की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया था। इसके बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।

कैसे हुई थी घटना
मामले में बताया गया कि 6 फरवरी 2022 को शाम करीब पांच बजे रूपेश पांडेय अपने चाचा के साथ बरही में सरस्वती पूजा विसर्जन जुलूस देखने गया था।
इसी दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से इलाके में काफी आक्रोश फैल गया था।
पहले दर्ज हुआ था बड़ा मामला
इस हत्याकांड के बाद बरही थाना में कुल 27 आरोपियों के खिलाफ कांड संख्या 59/2022 दर्ज किया गया था। बाद में जांच के दौरान कई बिंदुओं पर छानबीन की गई और मामला अदालत तक पहुंचा।
दोषी और बरी आरोपी
अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद तीन आरोपियों को दोषी करार दिया। दोषियों में मो. असलम अंसारी उर्फ असलम उर्फ पप्पू मियां, मो. कैफ और मो. गुरफान शामिल हैं।
वहीं, साक्ष्य के अभाव में दो अन्य आरोपियों मो. इरफान और इश्तेखार मियां को बरी कर दिया गया। इश्तेखार मियां घटना के बाद से फरार बताया गया है।
अन्य मामलों की स्थिति
इस केस में एक नाबालिग आरोपी की सुनवाई अभी जेजे बोर्ड में लंबित है। अदालत के इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




