रूपा तिर्की मौत मामले में CM हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि तक पहुंची जांच की आंच, CBI ने पंकज मिश्रा से तीन घंटे तक की लंबी पूछताछ

सीबीआई ने रूपा तिर्की मौत मामले में जांच अधिकारी को भी बदल दिया है

साहिबगंज: साहिबगंज थाने की दारोगा रूपा तिर्की मौत मामले की जांच की आंच सीएम हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि तक पहुंच गई है।

मामले के अनुसंधान में जुटी सीबीआई की टीम ने गुरुवार को सीएम हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा से लंबी पूछताछ की।

साहिबगंज स्थित कैंप कार्यालय में सीबीआई टीम ने पंकज मिश्रा को बुलाकर पूछताछ की। बताया गया कि सीबीआई ने करीब 11 बजे पंकज मिश्रा को हाजिर होने के लिए कहा था। लेकिन वह सुबह 9 बजे ही पहुंच गये थे। इसके बाद उनसे 12 बजे तक पूछताछ की गयी।

क्वार्टर में मिली थी महिला दारोगा की लाश

बता दें कि इसी साल तीन मई को पुलिस लाइन स्थित गंगा भवन सरकारी क्वार्टर वर.1 में संदिग्ध अवस्था में रूपा तिर्की का शव बरामद हुआ था।

सीबीआई द्वारा इस केस से जुड़े 6 से अधिक लोगों को चिन्हित करके उनके क्वार्टर के आसपास के लोगों से पूछताछ की गयी थी।

हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई कर रही केस की जांच

गौरतलब है कि रूपा तिर्की मौत मामले में एक सितंबर को झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने सीबीआई को अविलंब केस लेकर जांच करने का निर्देश दिया था। सीबीआई इस मामले में कांड संख्या आरसी 0922021S0002 दर्ज कर अनुसंधान कर रही है।

उल्लेखनीय है कि बीते तीन मई को पुलिस लाइन स्थित गंगा भवन सरकारी क्वार्टर यूएस एक में संदिग्ध अवस्था में रूपा तिर्की का शव बरामद हुआ था।

सीबीआई के द्वारा इस केस से जुड़े छह से अधिक लोगों को चिन्हित कर उनके क्वार्टर के आसपास के लोगों से पूछताछ की गयी थी।

मालूम हो कि रूपा तिर्की मौत मामले में एक सितंबर को झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने सीबीआई को अविलंब केस लेकर जांच करने का निर्देश दिया था। सीबीआई इस मामले में कांड दर्ज कर अनुसंधान कर रही है।

दूसरी ओर सीबीआई ने रूपा तिर्की मौत मामले में जांच अधिकारी को भी बदल दिया है। पूर्व में डीएसपी पी गैरोला को जांच की जिम्मेदारी दी गयी थी इंस्पेक्टर जीके अंशु और अन्य पदाधिकारी उनकी जांच टीम में शामिल थे।

अब इंस्पेक्टर जीके अंशु ही मामले की जांच करेंगे। बताया जाता है कि पी गैरोला पूर्व में सीबीआई के दिल्ली आफिस में कार्यरत थे। इसी साल उनका तबादला पटना किया गया था। उन्हें दुबारा दिल्ली भेज दिया गया है।

हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं। हमारी पत्रकारिता को किसी भी दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।
Back to top button