झारखंड

सरायकेला में ट्रिपल मर्डर केस में शेरू गिरफ्तार

शेरू की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया गया है

सरायकेला: सरायकेला-खरसावां (Seraikela-Kharsawan) जिला अंतर्गत आदित्यपुर थाना क्षेत्र के सतवाहिनी में आशीष गिराई, राजू गोराई और सुबीर चटर्जी की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है।

इस मामले में पुलिस ने नामजद आरोपित शेरू को गिरफ्तार कर लिया है। शेरू की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया गया है।

साथ ही, पुलिस ने बीते दिनों सरायकेला कोर्ट (Seraikela Court) में सरेंडर करने वाले दिनेश महतो को भी रिमांड मे लेकर पूछताछ की, जिसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बोलेरो को भी पुलिस ने बरामद कर लिया है।

इस सम्बंध में जानकारी देते हुए एसपी आनंद प्रकाश ने बताया कि इस हत्याकांड का मास्टर माइंड संतोष थापा और छोटू राम है।

वहीं इस घटना को अंजाम देने में दीपक मंडल, आशीष सरदार, भीम सुभाष प्रमाणिक, करतब मुंडा, सुकू, सोनू महतो, संजीव धीवर उर्फ बूढ़ा एवं उमाकांत आदि शामिल थे।

विवाद के बाद आशीष को मार दी गोली

गिरफ्त में आए सोनू के अनुसार आशीष गोराई एवं सुबीर चटर्जी उर्फ रावण के द्वारा संतोष थापा के नाम पर हथियार की सप्लाई तथा शांति नगर में दुकानदारों से रंगदारी वसूली की जाती थी।

इसका छोटू राम द्वारा विरोध किया गया था। उसने दुकानदारों से रंगदारी देने के लिए मना किया था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच एक बार झगड़ा भी हुआ था, लेकिन आशीष गोराई तथा सुबीर चटर्जी के द्वारा कहा गया कि जो लोग हमारे रास्ते में आएगा उसे गोली मार देंगे।

आशीष गोराई तथा सुबीर चटर्जी संतोष थापा और छोटू राम को जान से मारने की योजना बनाने लगे थे। इस बात की भनक संतोष थापा को लग गई थी।

उसके बाद संतोष थापा ने हत्या (MURDER) की योजना बना डाली। योजना अनुसार छोटू राम, शेरू सरदार, दिनेश महतो एवं आशीष सरदार मंगलवार को सतवाहिनी आया।

वहां आकर छोटू राम अपने बोलेरो से उतरा और गाली देते हुए आशीष गोराई को एक तरफ ले गया। वहां विवाद के बाद आशीष को गोली मार दी।

गोली लगते ही आशीष लड़खड़ा कर नीचे गिर गया। तब शेरू ने भी एक गोली आशीष को मार दिया। इसी बीच सुबीर चटर्जी और राजू गोराई द्वारा दिनेश महतो से पिस्टल की छीना- झपटी किया जाने लगा।

तब दिनेश महतो ने राजू गोराई और सुबीर चटर्जी को एक गोली मार दी। इसी बीच राजू भागने लगा। तब उसको आकाश सिंह सरदार, दीपक मंडल, उमाकांत तथा संजीव ने पकड़ लिया और दिनेश महतो (Dinesh Mahato) ने उसे गोली मार दी।