Bad Haircut Controversy: खराब हेयर कट को लेकर दर्ज उपभोक्ता विवाद में मुआवजे की राशि पर अब न्यायिक बहस तेज हो गई है।
नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन (NCDRC) द्वारा नई दिल्ली स्थित ITC Maurya Hotel को दो करोड़ रुपये मुआवजा देने के आदेश को Supreme Court ने अत्यधिक बताते हुए इस पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद आदेश को आंशिक रूप से स्वीकार किया है।
NCDRC के आदेश पर आपत्ति
NCDRC ने यह आदेश शिकायतकर्ता मॉडल आशना राय के पक्ष में दिया था। आयोग ने माना था कि होटल के सैलून में हुए खराब हेयर कट से शिकायतकर्ता को पेशेवर नुकसान हुआ।
हालांकि Supreme Court ने कहा कि NCDRC यह स्पष्ट नहीं कर सका कि दो करोड़ रुपये का आंकड़ा किस ठोस आधार पर तय किया गया, खासकर तब जब नुकसान से जुड़े मूल दस्तावेजों की जगह केवल फोटो कॉपी जमा की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान Supreme Court ने कहा कि बिना पर्याप्त सबूतों के इतनी बड़ी मुआवजा राशि तय करना उचित नहीं है।

अदालत ने यह भी जोड़ा कि मुआवजा तय करते समय नुकसान का ठोस आकलन जरूरी होता है, केवल सामान्य चर्चाओं के आधार पर फैसला नहीं दिया जा सकता।
25 लाख जमा करने का निर्देश
अदालत ने होटल की Appeal को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए निर्देश दिया कि होटल NCDRC में 25 लाख रुपये जमा करे। साथ ही आयोग से कहा गया कि वह वैध दस्तावेजों के आधार पर मुआवजे की राशि पर फिर से विचार करे।
2023 से चल रहा मामला
उल्लेखनीय है कि यह मामला वर्ष 2023 से न्यायालयों में विचाराधीन है।
पहले भी Supreme Court ने NCDRC को मुआवजे की राशि नए सिरे से तय करने का निर्देश दिया था, लेकिन बाद में आयोग ने फिर दो करोड़ रुपये का आदेश दिया, जिसे अब दोबारा चुनौती दी गई है।
अब आगे क्या?
अब NCDRC को Supreme Court के निर्देशों के अनुसार मामले की दोबारा समीक्षा करनी होगी। इस फैसले से उपभोक्ता मामलों में मुआवजे के मानकों पर भी असर पड़ने की उम्मीद है।




