Huge Shortage of Staff in the Electricity Board: रांची में राज्य के Electricity Board की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बोर्ड में स्वीकृत पदों की संख्या 14,558 है, लेकिन इसके मुकाबले केवल 2,965 अधिकारी और कर्मचारी ही कार्यरत हैं।
यानी कुल 11,593 पद अब भी खाली पड़े हुए हैं। इस कारण बिजली बोर्ड के लगभग हर विभाग में Staff की भारी कमी देखने को मिल रही है।

तकनीकी, प्रशासनिक और सहायक स्तर पर कर्मचारियों की कमी से कामकाज पर सीधा असर पड़ रहा है।
हर कैटेगरी में दिख रही कमी
Power Board के विभिन्न कैडर और श्रेणियों पर नजर डालें तो स्थिति और भी गंभीर नजर आती है। इंजीनियरिंग कैडर में बड़ी संख्या में पद स्वीकृत हैं, लेकिन उनके मुकाबले बहुत कम कर्मचारी कार्यरत हैं।
Electrician के 1,807 स्वीकृत पदों के सामने केवल 42 कर्मचारी काम कर रहे हैं। इसी तरह टेक्निकल असिस्टेंट, सपोर्टिंग स्टाफ और अन्य पदों पर भी भारी अंतर देखने को मिलता है।
मानव संसाधन की स्थिति
मानव संसाधन से जुड़े पदों में भी यही हाल है। हेड क्लर्क, ऑफिस असिस्टेंट और अकाउंट असिस्टेंट जैसे पदों पर स्वीकृत संख्या के मुकाबले कार्यरत कर्मचारियों की संख्या बेहद कम है।

कई जगहों पर जरूरी पद खाली रहने से कार्यालयी काम समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है।
आउटसोर्सिंग के भरोसे व्यवस्था
कर्मचारियों की कमी के कारण बिजली बोर्ड का अधिकतर काम Outsourcing के सहारे चल रहा है। स्मार्ट मीटर लगाने का काम एजेंसियों को सौंप दिया गया है।
लाइनमैन जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी Outsource कर्मियों से कराए जा रहे हैं। ऊर्जा मित्र की सेवाएं भी लगभग समाप्त कर दी गई हैं।
सुधार की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द ही रिक्त पदों पर नियुक्ति नहीं की गई, तो भविष्य में बिजली व्यवस्था और अधिक प्रभावित हो सकती है। बोर्ड को स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाने की जरूरत है, ताकि व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके।




