पत्नी की कैंची से हत्या, फिर शव को टुकड़ों में काटकर फेंका, कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

फरीदाबाद: फरीदाबाद के ग्रीन फील्ड में पत्नी की कैंची से हत्या करने और शव को टुकड़ों में काटकर फ्लाईओवर के नीचे फेंकने के दोषी शख्स को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है।

ग्रीन फील्ड निवासी इस युवक ने अपनी पत्नी की साल 2018 में किराये के मकान में हत्या कर दी थी।

इस मामले में कोर्ट ने दोषी पति को बुधवार को फांसी की सजा सुनाते हुए 20 हजार का जुर्माना लगाया है।

शख्स ने अपनी पत्नी का गला पहले कैची से काटा, सिर को धड़ से अलग किया फिर उसके टुकड़े-टुकड़े कर दिल्ली में फेंक आया था। अब अतिरिक्त सत्र न्यायधीश ने उसे हैंग टिल डेथ की सजा सुनाई है।

महिला अंजू अपने पति संजीव कौशिक के साथ मार्च 2018 में ग्रीन फील्ड में रहने आई थी।

पति-पत्नी के बीच में लगातार मनमुटाव रहता था। मृतका के भाई ब्रिज शर्मा गुड़गांव में रहते हैं।

उन्होंने बताया कि मनमुटाव का अंजाम इतना भयानक होगा उन्होंने यह कभी सोचा नहीं था।

मृतका के भाई ने बताया कि संजीव दिल्ली जल बोर्ड में कार्यरत था और उनका एक 15 साल का बेटा है जो अपने ताऊ के पास गया हुआ था। इसी दौरान संजीव कौशिक ने उनकी बहन का कत्ल कर दिया था।

आरोपी संजीव अपनी पत्नी पर शक करता था। इस वजह से उसने 17 मार्च 2018 को अपनी पत्नी का किराय के मकान में कत्ल कर दिया था। आरोपी इससे पहले हरिनगर आश्रम नई दिल्ली में रहता था।

आरोपी ने अपनी पत्नी के पहले गले पर वार कर उसकी गर्दन तोड़ दी।

इसके बाद कैची से उसका गला धड़ से अलग कर दिया। जिसके बाद उसने सर के कई छोटे-छोटे टुकड़े किए।

इसके बाद उन टुकड़ों को वो लाजपतनगर दिल्ली के फ्लाईओवर के नीचे फेंक आया।

घटना के दिन संजीव दो बैग में कपड़े लेकर अपने बेटे के पास बड़े भाई के घर गया और उससे कहा कि इन कपड़ों को वो धोबी के पास डालने के लिए जा रहा है और उसके बाद से वह गायब हो गया।

मृतका का बेटा जब शक होने पर घर पहुंचा तो दरवाजा बाहर से बंद था कई बार दरवाजा खटखटाने बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो उसके बेटे ने इसकी जानकारी अपने ताऊ को दी।

जिसके बाद ताऊ ने इसकी सूचना पुलिस को दी और फिर पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर का नजारा देखकर वह भी दंग रह गए।

पुलिस जब दरवाजा खोलकर फ्लैट के बेडरूम में घुसी तो वहां का मंजर देखकर सबकी रूह काप उठी।

उन्हें घर के बेडरूम में बिना सर की महिला की लाश मिली।

जिसे पहचानते हुए अंजू के परिजनों और बेटे ने शिनाख्त की थी। संजीव अपनी पत्नी पर शक करता था।

उसे उसका किसी से बातचीत करना पसंद नहीं था। इसको लेकर दोनों में अक्सर झगड़ा होता रहता था।

कई बार अंजू के मायके वालों ने भी संजीव को समझाया था, मगर वह किसी की नहीं सुनता था। इसी बात पर संजीव ने उसकी हत्या कर दी थी।

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