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झारखंड में यहां छह दिन में परिवार के तीन लोगों की हुई मौत, दहशत में ग्रामीण

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गुमला : जिले के सिसई ब्लॉक स्थित नगर पंचायत के गोखुलपुर पतराटोली गांव में सिर्फ छह दिनों में एक ही परिवार (Family) के तीन लोगों की बारी-बारी से असमय मृत्यु से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।

मरने वाले लोगों में तीन वर्ष पूर्व आर्थिक तंगी और कर्ज (Financial Crunch and Debt) के बोझ में आत्महत्या (Suicide) करने वाले किसान शिवनाथ उरांव की पत्नी समेत परिवार के तीन लोग शामिल हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार को परिवार की एक बेटी अमृता कुमारी (13 वर्ष), शनिवार को मां तेतरी देवी (40 वर्ष) और सोमवार को दूसरी बेटी शांति कुमारी (8 वर्ष) की अचानक मौत (Death) हो गयी।

इस संबंध हैरानी की बात यह है कि मरने वाले लोगों में से किसी को कोई गंभीर अथवा जानलेवा बीमारी (Disease) भी नहीं थी। मौत से पूर्व सभी ने बुखार, पेट दर्द और बदन दर्द की शिकायत की थी।

आर्थिक तंगी व कर्ज के कारण शिवनाथ ने की थी खुदकुशी

गौरतलब है कि आज से तीन साल पहले फरवरी, 2019 में पीड़ित परिवार के मुखिया शिवनाथ उरांव ने आर्थिक तंगी और कर्ज से तंग आकर अपने परिववार में अपनी पत्नी के अलावा पांच बेटी एवं एक बेटा को छोड़कर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी।

शिवनाथ उरांव के आत्महत्या (Suicide) करने पर तत्कालीन सिसई विधायक सह पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ दिनेश उरांव, पूर्व शिक्षा मंत्री सह मांडर विधायक बंधु तिर्की, पूर्व विधायक सह शिक्षा मंत्री गीताश्री उरांव सहित कई लोगों द्वारा गांव आकर पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, राशन कार्ड, आवास, पेंशन सहित अन्य सरकारी मदद भी दी गई थी।

कुछ ग्रामीण अंधविश्वास तो कुछ सुविधाओं की कमी को बता रहे मौत का कारण

घटना को लेकर गांव के कुछ लोग जहां इसे अंधविश्वास (Blind faith) से जोड़कर देख रहे हैं, तो वहीं कुछ ग्रामीण महामारी, दूषित जल पीने व चिकित्सा सुविधा की कमी का नतीजा बता रहे हैं।

ग्रामीणों (Villagers) का कहना है कि गांव में एक मात्र चापाकल था जो तीन साल से अधिक समय से खराब पड़ा हुआ है।

गांव में कुल 15 परिवार रहते हैं जो महज एकमात्र जर्जर कुआं का पानी पीने को विवश हैं। गर्मी के शुरुआती दिनों में ही कुआं (Well) का पानी सूख जाता है।

अब शिवनाथ के परिवार में उसके सिर्फ तीन बच्चे रह गए हैं

अब शिवनाथ के परिवार में तीन नाबालिग (Minor) बच्चे सूरज उरांव (15 वर्ष), चंद्रमुनी उर्फ चान्दो कुमारी (6 वर्ष) और मानती कुमारी (4 वर्ष) हैं, वहीं उसकी बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है।

शिवनाथ उरांव के तीन भाइयों का परिवार (Family) है। उसकी मां सोमारी देवी (70 वर्ष) और पिता गंगा उरांव (76 वर्ष) इसी गांव में परिवार से अलग घर में रहते हैं।

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