झारखंड में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने की प्रक्रिया जारी, अभी सिर्फ कक्षा दो तक ही…

कक्षा पांच तक की किताबों का अनुवाद पांच जनजातीय भाषाओं (Tribal Languages) में किया गया है।

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रांची: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy) लागू होने के बाद उसके अनुरूप राज्यों ने भी अपने स्तर पर पहल की है।

इसके आलोक में झारखंड में भी पाठ्यक्रम (Syllabus) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

जानकारी के अनुसार, अभी केवल कक्षा दो तक का Syllabus ही तैयार हुआ है।

कक्षा 3 से बारहवीं तक Syllabus इस साल के अंत तक कंप्लीट हो जाएगा।

झारखंड में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने की प्रक्रिया जारी, अभी सिर्फ कक्षा दो तक ही…In Jharkhand, the process of preparing the curriculum according to the National Education Policy is going on, now only up to class two…

 

12वीं तक के पाठ्यक्रम के लिए भेजा निर्देश

राज्य में National Education Policy के तहत बोर्ड परीक्षा (Board Exam) लेने पर निर्णय पाठ्यक्रम तैयार होने के बाद होगा।

शिक्षा नीति के तहत पाठ्यक्रम लागू होने के बाद कक्षा नौवीं से 12वीं तक की परीक्षा पर नया प्रावधान (New Provision) लागू होगा।

इसके तहत कक्षा 12वीं में ही Board Exam का प्रावधान है।

मातृभाषा में भी बच्चों के लिए उपलब्ध होंगी पुस्तकें

स्कूलों में बच्चों को मातृभाषा (Mother Toungue) में किताब उपलब्ध कराने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। JCERT द्वारा सभी किताबों का अनुवाद संबंधित भाषा में किया गया है।

इसके तहत साइंस, गणित, सामाजिक अध्ययन (Social Study) समेत अन्य विषयों की किताबों का अनुवाद किया गया है।

कक्षा पांच तक की किताबों का अनुवाद पांच जनजातीय भाषाओं (Tribal Languages) में किया गया है।

एक पेज पर जनजातीय भाषा में, दूसरे पर हिंदी में किताब की छपाई होगी।

किताब संताली, कुड़ुख, हो, मुंडारी व खड़िया में छठ माई जाएगी। कक्षा पांच तक की पढ़ाई मातृभाषा में देने की बात है।

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