मध्यस्थता जागरूकता कार्यक्रम में वादों के निष्पादन पर जोर, डालसा सभागार में…

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि मध्यस्थता के माध्यम से लगातार वादों के निष्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है

News Aroma Media
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लोहरदगा : झारखंड (Jharkhand) राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में आज रेफरल जजेज (Referral Judges) एवं मध्यस्थता (Arbitration) को लेकर जागरूकता कार्यक्रम (Awareness Program) का आयोजन सिविल कोर्ट परिसर स्थित Dalsa सभागार में किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार राजेंद्र बहादुर पाल (Rajendra Bahadur Pal) ने की।

केंद्र सरकार लाएगी नया मध्यस्थता कानून

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मध्यस्थ और न्यायाधीश के बीच संवाद स्थापित करना था ताकि वादों का सफल निष्पादन (Successful Execution) सुनिश्चित हो सके।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि मध्यस्थता के माध्यम से लगातार वादों के निष्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

केंद्र सरकार नया मध्यस्थता कानून (Arbitration Law) भी ला रही है। प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय सुभाष (Subhash) ने मध्यस्थों से आग्रह किया कि पार्टी जो चाहती है, उसी के अनुसार मामले को देखें और सुलझाने का प्रयत्न करें। यदि मामला नहीं सुलझ पाता है तो इसके लिए पार्टी पर जोर जबरदस्ती नहीं की जाए।

कार्यक्रम में प्रथम जिला जज अखिलेश कुमार तिवारी, तृतीय जिला जज अरविंद कुमार, वरीय न्यायाधीश अर्चना कुमारी, डालसा सचिव राजेश कुमार, न्यायिक दंडाधिकारी राज कल्याण के अतिरिक्त मध्यस्थ उपस्थित थे।

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