बंगाल के राज्यपाल के ‘दो लिफाफों’ में बंद हैं कुछ राज, एक दिन बाद भी रहस्य…

शनिवार की शाम मुख्य सचिव एच.के. द्विवेदी (HK Dwivedi) राजभवन गए और बोस के साथ बैठक की जो एक घंटे से अधिक समय तक चली। बैठक के बाद न तो राज्यपाल और न ही मुख्य सचिव ने चर्चा किये गये मुद्दे के बारे में कोई जानकारी दी।

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल (West Bengal) के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस (C.V. Anand Bose) के शनिवार आधी रात को राज्‍य और केंद्र सरकार को भेजे गये गोपनीय संदेशों के कंटेंट को लेकर 21 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई रहस्‍य बरकरार है।

आधी रात को कुछ ही मिनटों में मीडियाकर्मियों को सूचना संदेश भेजने की सूचना देने के बाद से ही राजभवन ने इस मामले में पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है, और तब से यह रहस्य बरकरार है। राज्य सचिवालय के अधिकारी भी मामले में कुछ भी नहीं कह रहे हैं।

पहला लिफाफा कब आया

संदेश को लेकर कई कारणों से रहस्य गहरा गया है। सबसे पहले, यह विज्ञप्ति उस समय भेजी गई है जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) G20 शिखर सम्मेलन के रात्रिभोज में भाग लेने के लिए नई दिल्ली में थीं।

दूसरे लिफाफे का राज़

दूसरे, शनिवार की रात, हालांकि राजभवन ने पुष्टि की है कि दो संदेशों में से एक पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee को भेज दी गई है, यह नहीं बताया गया है कि केंद्र सरकार में किस विभाग को संदेश भेजा गया है।

शनिवार दोपहर को जब बोस से राज्य विश्वविद्यालय के मुद्दों पर सचिवालय के साथ उनके हालिया झगड़े के बारे में सवाल किया गया, तो राज्यपाल ने जवाब दिया: “आज आधी रात के समय की प्रतीक्षा करें।”

शनिवार की शाम मुख्य सचिव एच.के. द्विवेदी (HK Dwivedi) राजभवन गए और बोस के साथ बैठक की जो एक घंटे से अधिक समय तक चली। बैठक के बाद न तो राज्यपाल और न ही मुख्य सचिव ने चर्चा किये गये मुद्दे के बारे में कोई जानकारी दी।

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