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₹200 के कारण हुई थी आजीवन कारावास, 30 सालों बाद कोर्ट ने किया बरी, जानिए मामला …

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Life Imprisonment for Rs. 200 : शुक्रवार को Jharkhand High Court  ने  देवघर (Deoghar) जिले में मात्र 200 रुपये के विवाद में हत्या (Murder) के मामले में आजीवन कारावास (Life Imprisonment) की सजा पाए 3 दोषियों को 30 साल बाद बरी कर दिया।

किशन पंडित, जमदार पंडित और लखी पंडित की ओर से दायर अपील पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मुक्त कर दिया। अपील के लंबित रहने के दौरान एक अन्य दोषी लखन पंडित की मौत हो गई थी। यह मामला तीन दिसंबर 1993 का है।

साल 2000 में हाई कोर्ट में ट्रांसफर हुआ था यह मामला 

बता दें कि अभियुक्तों – किशन पंडित, जमदार पंडित और लखी पंडित को छह जून, 1997 को देवघर की सत्र अदालत ने दोषी करार दिया।

उनकी दोष साबित होने के बाद पटना उच्च न्यायालय में अपील की गई, जिसने अभियुक्तों को जमानत दे दी। बाद में राज्य के विभाजन के बाद 2000 में मामले को नवगठित झारखंड उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया। तब से यह मामला तीन दशकों से अधिक समय तक अधर में लटका हुआ था।

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