भू-माफियाओं पर डीसी ने की बड़ी कार्रवाई

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Land Mafias in Ranchi : जिले में भू-माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Ramgarh DC Chandan Kumar ने 403.30 एकड़ गैर-मजरूआ जंगल जमीन की अवैध जमाबंदी को रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई Bihar-Jharkhand भूमि सुधार अधिनियम 1950 की धारा 4(एच) के तहत की गई, जिससे झारखंड सरकार को लगभग 800 करोड़ रुपये के राजस्व का सीधा लाभ होने की संभावना है।

तीन भू-माफियाओं के नाम पर फर्जी दस्तावेजों से थी जमाबंदी

डीसी चंदन कुमार ने Press Conference कर बताया कि मांडू प्रखंड के चपरा मौजा में उमापदो सेन मोदक, इशहाक मियां और विश्वनाथ सेन मोदक के नाम पर अवैध जमाबंदी कायम थी। इन तीनों ने थाना संख्या 94, खाता संख्या 7 के तहत इस बड़े भू-भाग पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कब्जा जताया था। जांच में पाया गया कि—

उमापदो सेन मोदक के नाम पर 168.30 एकड़ की अवैध जमाबंदी थी।

इशहाक मियां के नाम पर 150 एकड़ जमीन की फर्जी जमाबंदी कराई गई थी।

विश्वनाथ सेन मोदक के नाम पर 85 एकड़ जमीन की अवैध जमाबंदी थी।

जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य

डीसी चंदन कुमार ने बताया कि संदेहास्पद जमाबंदी की जानकारी मिलने पर अंचल अधिकारी ने दस्तावेजों की विस्तृत जांच की और मामला अपर समाहर्ता को भेजा। सुनवाई के बाद यह स्पष्ट हुआ कि—

1. कब्जे के कोई वैध साक्ष्य नहीं: तीनों व्यक्तियों ने दस्तावेज तो प्रस्तुत किए, लेकिन विवादित भूमि पर उनका वास्तविक कब्जा नहीं था।

2. ‘के’ प्रपत्र दाखिल नहीं किया गया: रिटर्न के प्रपत्र की गैर-मौजूदगी से जमाबंदी अवैध पाई गई।

3. ‘एम’ प्रपत्र पर लगान निर्धारण नहीं: भूमि पर लगान निर्धारण का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था।

4. पंजी-2 में जमाबंदी खोलने का आदेश नहीं: सक्षम पदाधिकारी द्वारा कोई अधिकृत आदेश नहीं दिया गया था।

5. रैयत मान्यता अभिलेख पर हस्ताक्षर नहीं: अभिलेखों पर सक्षम प्राधिकार का सत्यापन नहीं था।

6. वन भूमि की अवैध बंदोबस्ती: बिना सरकारी आदेश के किसी को वन भूमि का आवंटन नहीं किया जा सकता।

800 करोड़ के राजस्व का संभावित लाभ

डीसी ने बताया कि झारखंड खनिज संपदाओं से समृद्ध राज्य है, जहां विभिन्न कंपनियां कार्यरत हैं। नियमानुसार, इन कंपनियों को सीए लैंड (कंपेनसेटरी अफॉरेस्टेशन लैंड) के तहत वृक्षारोपण के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाती है।

यदि यह 403 एकड़ जमीन सीए लैंड के रूप में किसी कंपनी को दी जाती है, तो इससे राज्य सरकार को लगभग 800 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो सकता है।

अवैध जमाबंदी रद्द करने का प्रस्ताव हजारीबाग भेजा गया

अब इस मामले में विभागीय प्रक्रिया के तहत जमाबंदी रद्द करने की अंतिम पुष्टि के लिए प्रस्ताव उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल, हजारीबाग के आयुक्त को भेजा गया है। डीसी चंदन कुमार ने कहा कि प्रशासन भूमि माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगा, ताकि सरकारी जमीनों की अवैध जमाबंदी को रोका जा सके।

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