Jharkhand News: पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में 1 सितंबर को बैंक ऑफ बड़ौदा के सामने हुई 5 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा कर दिया। इस मामले में अब तक आठ पेशेवर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने इनके पास से लूटी गई रकम का हिस्सा, हथियार, मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद किए हैं।

कैसे हुई थी लूट?
SDPO (सदर) बहामन टूटी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 1 सितंबर को सुबह करीब 10:20 बजे IBP पेट्रोल पंप के कर्मचारी विमलेश कुमार और संजय नंदी 5 लाख रुपये बैंक ऑफ बड़ौदा (चाईबासा शाखा) में जमा करने जा रहे थे।
तभी सदर बाजार के पास कोर्ट रोड पर तीन हथियारबंद अपराधियों ने पिस्तौल की नोक पर काले रंग के बैग में रखे 5 लाख रुपये लूट लिए। अपराधियों ने कर्मचारी विमलेश कुमार को पिस्तौल की बट से मारकर घायल भी किया। घटना से इलाके में हड़कंप मच गया था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
लूट की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। SP राकेश रंजन के निर्देश पर SDPO सदर के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम बनाई गई, जिसमें सदर और मुफ्फसिल थाना के अधिकारी और जवान शामिल थे।
CCTV फुटेज, तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने पहले तीन दिनों में पांच अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया।

तीन और अपराधी धराए
9 सितंबर को पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए तीन और अपराधियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान मधु लोहार उर्फ बिधा उर्फ बेदा (29), गोपी बारी (35) और मोतिलाल हेम्ब्रम (31) के रूप में हुई। इनके पास से 26,000 रुपये नकद, दो मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। गिरफ्तार अन्य अपराधियों में लखन जामुदा (30), साजिश केराई (25), शिवा सामद उर्फ पोतोह (21), रितिक मुण्डा (24) और बिरसा मुण्डा (24) शामिल हैं।
अपराधियों का आपराधिक इतिहा
सपुलिस ने बताया कि सभी गिरफ्तार अपराधी पेशेवर हैं और इनका आपराधिक रिकॉर्ड लंबा है। बिरसा मुण्डा के खिलाफ खरसावां और कुचाई थाना क्षेत्र में कई मामले दर्ज हैं, जबकि लखन जामुदा 2018 में चक्रधरपुर रेल थाना में तांबा चोरी के मामले में जेल जा चुका है। मधु लोहार, गोपी बारी और मोतिलाल हेम्ब्रम भी कई अपराधों में शामिल रहे हैं।




