दिल्ली की हवा ‘जहरीली’, सुप्रीम कोर्ट में हो सकती है सिर्फ डिजिटल सुनवाई

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Delhi’s Air Pollution : दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण का असर अब सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही पर भी दिखने लगा है। प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि गंभीर वायु प्रदूषण के चलते कोर्ट में सुनवाई केवल Digital तरीके से करने को लेकर विचार हो रहा है।

उन्होंने कहा कि इस मामले पर बार के साथ बातचीत के बाद फैसला लिया जाएगा। CJI ने खुद बताया कि एक दिन पहले एक घंटे की सैर पर जाने के बाद उनकी तबीयत ठीक नहीं रही।

वरिष्ठ वकीलों को डिजिटल सुनवाई की मांग

यह बात तब सामने आई जब चुनाव आयोग से जुड़े एक मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट मांगी।

उन्होंने कहा कि सुबह की वॉक के बाद उन्हें सांस लेने में समस्या हो रही है, इसलिए वे अगली तारीख पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये पेश होना चाहते हैं। इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने भी सहमति जताते हुए कहा- “इस उम्र में हम AQI 400-500 वाली हवा में सांस ले रहे हैं।”

60 वर्ष से ऊपर के वकीलों को राहत मिल सकती है

CJI ने कहा कि 60 साल से अधिक उम्र के वकीलों को डिजिटल सुनवाई की अनुमति देने पर भी विचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि “अगर हमें कोई अच्छा प्रस्ताव मिलता है, तो हम कदम उठाएंगे। मैं शाम को बार के पदाधिकारियों से मिलकर फैसला लूंगा।” अभी Supreme Court ‘हाइब्रिड मोड’ में काम करती है, जिसमें फिजिकल और वर्चुअल दोनों तरह से सुनवाई होती है।

AQI 335, ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज

बुधवार सुबह दिल्ली की हवा की गुणवत्ता AQI 335 दर्ज की गई, जो बहुत खराब स्तर है।

0–50: अच्छा

51–100: संतोषजनक

101–200: मध्यम

201–300: खराब

301–400: बहुत खराब

401–500: गंभीर

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