
MNREGA workers Surrounded the Minister’s House: ग्रेड पे, नौकरी नियमित करने और सामाजिक सुरक्षा की मांग को लेकर मनरेगा कर्मियों ने ग्रामीण विकास विभाग की मंत्री दिपिका पांडेय (Deepika Pandey) के आवास का घेराव किया।
इस आंदोलन का नेतृत्व मनरेगा कर्मियों के अध्यक्ष अनिरुद्ध पांडेय, सचिव यासिन अंसारी, प्रदेश उपाध्यक्ष विकास पांडेय, प्रदेश महासचिव दीपक महतो, पूर्व अध्यक्ष जॉन बागे, नन्हें परवेज, सुनील चंद्रदास, संजय प्रमाणिक, शंभु गोप और देवेंद्र उपाध्याय समेत कई नेताओं ने किया। इस प्रदर्शन में हजारों मनरेगा कर्मचारी शामिल हुए।
आंदोलन से कामकाज ठप, लाखों मजदूर प्रभावित
कर्मियों ने बताया कि पूरे राज्य में एक ही दिन में 8–10 करोड़ रुपये का काम बंद हो गया। इससे करीब 40 लाख मजदूरों पर असर पड़ा है।
धरना के दौरान कांग्रेस के सचिव आलोक कुमार दुबे भी पहुंचे और आंदोलन (Agitation) का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मंत्री के सामने कर्मचारियों की समस्याएं रखी जाएंगी और ग्रेड पे पर गंभीर बातचीत की जाएगी।
18 साल से काम, फिर भी नहीं मिला ग्रेड पे
प्रदेश उपाध्यक्ष विकास पांडेय ने कहा कि राज्य में लगभग 6 हजार मनरेगा कर्मचारी वर्षों से गांवों के विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
अनिरुद्ध पांडेय ने बताया कि कई कर्मचारी 18 साल से काम कर रहे हैं, फिर भी उन्हें ग्रेड पे नहीं मिलता। उन्हें सिर्फ मनरेगा फंड के 4% प्रशासनिक मद से मानदेय दिया जाता है। न कोई अतिरिक्त लाभ मिलता है और न ही सुरक्षा।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
सभी मनरेगा कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए
मनरेगा कोषांग में काम कर रहे कर्मियों की तरह सबको ग्रेड पे दिया जाए
वर्षों में हुई कर्मियों की मौत पर परिवारों को सरकारी सुविधाएं दी जाएं
