HEC Employees’ Salary Crisis Deepens: रांची स्थित हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (HEC) में काम कर रहे हजारों कर्मचारियों की आर्थिक परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
वेतन भुगतान में हो रही देरी अब एक गंभीर औद्योगिक समस्या बन चुकी है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से पूरा वेतन नहीं मिलने के कारण उनका पारिवारिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
15 दिन के वेतन भुगतान का कड़ा विरोध
शनिवार को HEC संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने कंपनी के निदेशक (वित्त) से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने 15 दिन का आंशिक वेतन देने की व्यवस्था का जोरदार विरोध किया।
प्रतिनिधियों ने कहा कि आधा वेतन कर्मचारियों (Employees) की समस्याओं का समाधान नहीं है, बल्कि इससे उनकी मुश्किलें और बढ़ रही हैं।
लोन और EMI से बढ़ी मुश्किलें
संयुक्त मोर्चा ने बताया कि अधिकतर कर्मचारियों ने Home Loan, Education Loan और अन्य बैंक ऋण ले रखे हैं। जैसे ही आधा वेतन खाते में आता है, बैंक ईएमआई काट लेता है। इसके बाद कई कर्मचारियों के खातों में पैसा शून्य रह जाता है। जिन कर्मचारियों के खाते पहले से एनपीए की स्थिति में हैं, उनके लिए 15 दिन का वेतन बिल्कुल भी मददगार नहीं है।
परिवार चलाना हुआ मुश्किल, बढ़ा मानसिक तनाव
कर्मचारियों ने कहा कि इस स्थिति में घर का खर्च चलाना, बच्चों की पढ़ाई, इलाज और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना बेहद कठिन हो गया है। लगातार आर्थिक दबाव के कारण कई कर्मचारी मानसिक तनाव से भी गुजर रहे हैं।
LIC, CPF और BPF भुगतान में देरी पर नाराजगी
वेतन के अलावा LIC इनकैशमेंट, CPF और BPF के भुगतान में हो रही देरी पर भी संयुक्त मोर्चा ने चिंता जताई। नेताओं ने कहा कि यह कर्मचारियों की जीवनभर की बचत और सुरक्षा से जुड़ा मामला है, जिसे समय पर मिलना बेहद जरूरी है।
NCL फंड का प्राथमिक उपयोग वेतन भुगतान में करने की मांग
संयुक्त मोर्चा ने मांग की कि NCL से एचईसी को मिलने वाले फंड का सबसे पहले उपयोग कर्मचारियों के पूरे वेतन भुगतान में किया जाए। बार-बार आंशिक भुगतान से कर्मचारियों का भरोसा टूट रहा है और औद्योगिक शांति भी खतरे में पड़ रही है।
BJP नेता से मुलाकात, मुद्दा दिल्ली तक ले जाने का आश्वासन
निदेशक (वित्त) से बातचीत के बाद छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने BJP नेता विनय जायसवाल से मुलाकात कर कर्मचारियों की स्थिति बताई।
विनय जायसवाल ने भरोसा दिलाया कि HEC का मामला रांची से लेकर दिल्ली तक हर मंच पर उठाया जाएगा और जरूरत पड़ी तो केंद्रीय स्तर पर हस्तक्षेप कराया जाएगा।
एक माह का पूरा वेतन नहीं मिला तो आंदोलन की चेतावनी
कर्मचारियों ने कहा कि लगातार वेतन संकट से उत्पादन और एचईसी के भविष्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। संयुक्त मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि एक माह का पूरा वेतन नहीं दिया गया तो वे चरणबद्ध आंदोलन, धरना और कार्य बहिष्कार जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे।
बैठक में निदेशक (वित्त) मुकेश कुमार के साथ यूनियन नेता रमा शंकर प्रसाद, आर. के. शाही, प्रकाश कुमार, शनि सिंह, विमल महली और एस. जे. मुखर्जी मौजूद थे।




