Ranchi : जेपीएससी-2 घोटाले से जुड़े फर्जी तरीके से अफसर बने लोगों की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद मनी लॉन्ड्रिंग की जांच तेज हो गई है। जांच का दायरा अब केवल परीक्षा घोटाले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इन अफसरों द्वारा अर्जित की गई संपत्तियों और निवेश की भी जांच की जाएगी।
जांच के घेरे में करोड़ों की संपत्ति
सूत्रों के अनुसार, कुछ अफसरों ने नियम-कानूनों को नजरअंदाज करते हुए करोड़ों रुपये की संपत्ति बना ली है। एक ऐसे अफसर का नाम सामने आया है, जो इस मामले में पहले से ही सीबीआई की चार्जशीट में शामिल है। बताया जा रहा है कि उसने झारखंड के हजारीबाग जिले में बड़े पैमाने पर जमीन खरीदी है।

हजारीबाग और बिहार में निवेश की चर्चा
जानकारी के मुताबिक, उस अफसर ने हजारीबाग के रामनगर इलाके में करीब डेढ़ एकड़ जमीन ली है। इसके अलावा हरनगंज क्षेत्र में भी जमीन में निवेश किया गया है। इतना ही नहीं, बिहार में भी संपत्ति खरीदने की चर्चा है। खास बात यह है कि इन अधिकतर निवेशों को पत्नी के नाम पर किया गया बताया जा रहा है।
ईडी की जांच से बढ़ेगी परेशानी
अब जब ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर दी है, तो ये सभी निवेश जांच के दायरे में आ सकते हैं। माना जा रहा है कि तथ्य सामने आने पर ईडी इस मामले की जानकारी राज्य सरकार और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी साझा कर सकती है।
दोहरी मुश्किल में फर्जी अफसर
इस तरह जेपीएससी-2 से जुड़े ये अफसर एक ओर तो चार्जशीटेड अधिकारी माने जाएंगे, वहीं दूसरी ओर अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने के आरोप में भी उनकी पहचान दागी अफसरों के रूप में हो सकती है।




