10 Years of Startup India : स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम के 10 साल पूरे होने पर एक विशेष चर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने देश के युवाओं और Startup संस्कृति पर खुलकर बात की।
उन्होंने कहा कि Startup इंडिया ने युवाओं को “खुला आसमान” दिया है, जहां वे अपने विचारों के साथ आगे बढ़ सकते हैं और देश की समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।

500 से 2 लाख तक का सफर
प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में भारत में स्टार्टअप की संख्या 500 से बढ़कर 2 लाख से ज्यादा हो चुकी है। इसी तरह unicorn की संख्या भी तेजी से बढ़ी है।
आज भारत में लगभग 125 unicorn हैं, जबकि साल 2014 में यह संख्या सिर्फ 4 थी। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों से साफ है कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा Startup Ecosystem बन चुका है।
विज्ञान भवन से भारत मंडपम तक
पीएम मोदी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि 10 साल पहले विज्ञान भवन में 500–700 युवाओं के साथ इस कार्यक्रम की शुरुआत हुई थी। उस समय नए-नए स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं के अनुभव उन्होंने सुने थे।
आज हालात यह हैं कि भारत मंडपम में जगह कम पड़ रही है। यह बदलाव युवाओं की बढ़ती भागीदारी को दिखाता है।
युवा शक्ति से संवाद
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि एक ही सप्ताह में उन्हें दूसरी बार देश के युवाओं से मिलने का मौका मिला। 12 जनवरी को युवा दिवस के अवसर पर वे करीब 3000 युवाओं से मिले थे और दो से ढाई घंटे तक उनसे बातचीत की था ।
आज भी उन्होंने युवाओं को सुनने और उनकी ऊर्जा को महसूस करने की बात कही।
तेजी से बढ़ता स्टार्टअप मोमेंटम
पीएम मोदी ने बताया कि Startup India का मोमेंटम लगातार तेज हो रहा है। आज के कई स्टार्टअप यूनिकॉर्न बन रहे हैं, अपने IPO लॉन्च कर रहे हैं और बड़ी संख्या में नौकरियां पैदा कर रहे हैं। साल 2025 में ही करीब 44 हजार नए स्टार्टअप रजिस्टर हुए।
मिडिल क्लास से गांव तक बदलाव
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले नया बिजनेस शुरू करना सिर्फ बड़े घरानों तक सीमित था। मिडिल क्लास और गरीब परिवारों के बच्चे सिर्फ नौकरी का सपना देखते थे। लेकिन स्टार्टअप इंडिया ने यह सोच बदल दी है।
अब टियर-2, टियर-3 शहरों और गांवों के युवा भी स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं और जमीनी समस्याओं का हल खोज रहे हैं।
बेटियों की मजबूत भागीदारी
पीएम मोदी ने बताया कि इस बदलाव में देश की बेटियों की बड़ी भूमिका है। आज 45 प्रतिशत से ज्यादा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप में कम से कम एक महिला डायरेक्टर या पार्टनर मौजूद है।
रिस्क लेने की नई सोच
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले देश में रिस्क लेने से लोग डरते थे, लेकिन आज रिस्क लेना मुख्यधारा बन चुका है। उन्होंने अपने जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि वे हमेशा जरूरी कामों के लिए रिस्क लेते रहे हैं।
उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि देश के लिए जरूरी काम किसी न किसी को तो करने ही होंगे, भले ही उसमें जोखिम क्यों न हो।




