मकर संक्रांति पर गोरखनाथ मंदिर में भीड़, ASP अनुज चौधरी की मौजूदगी रही चर्चा में

Archana Ekka
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Crowd at Gorakhnath Temple on Makar Sankranti: मकर संक्रांति के पावन अवसर पर हर साल की तरह इस बार भी Gorakhnath Temple में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।

इस धार्मिक आयोजन के बीच एक अहम बात यह रही कि हाल के महीनों में संभल हिंसा को लेकर चर्चा में रहे ASP ग्रामीण अनुज चौधरी भी मंदिर पहुंचे और उन्होंने यहां माथा टेका।

मुख्यमंत्री ने चढ़ाई खिचड़ी

सुबह सबसे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित की। इस दौरान ASP अनुज चौधरी मंदिर परिसर में हाथ जोड़कर खड़े नजर आए।

मुख्यमंत्री की पूजा-अर्चना के बाद अनुज चौधरी ने भी विधिवत पूजा की। मंदिर के पुजारियों ने उन्हें अक्षत और जल प्रदान किया।

संभल हिंसा के बाद सुर्खियों में आए अनुज चौधरी

अनुज चौधरी नवंबर 2024 में Sambhal में हुई हिंसा के बाद चर्चा में आए थे। यह हिंसा शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई थी। उस समय अनुज चौधरी वहां सीओ के पद पर तैनात थे। हिंसा के दौरान गोली लगने से एक युवक घायल हो गया था।

कोर्ट का बड़ा आदेश

इस मामले में संभल के CJM कोर्ट ने 9 जनवरी 2026 को बड़ा आदेश जारी किया। कोर्ट ने अनुज चौधरी, तत्कालीन SHO अनुज तोमर और 10–12 अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया। इस आदेश के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई।

विपक्ष का सरकार पर हमला

कोर्ट के फैसले के बाद विपक्षी दलों ने योगी सरकार को घेरना शुरू कर दिया।

खास तौर पर समाजवादी पार्टी के नेता Akhilesh Yadav ने सरकार पर सवाल उठाए। यह याचिका नखासा थाना क्षेत्र के मोहल्ला खग्गू सराय निवासी यामीन द्वारा दायर की गई थी।

क्या हैं आरोप

यामीन का आरोप है कि उनका बेटा मोहम्मद आलम 24 नवंबर 2024 को रस्क बेचने घर से निकला था। उसी दौरान शाही जामा मस्जिद क्षेत्र में हुई हिंसा में पुलिस की गोली से वह घायल हो गया।

पुलिस ने आदेश मानने से किया इनकार

इस मामले में पुलिस ने CJM कोर्ट के आदेश को मानने से इनकार कर दिया है। संभल के SP केके विश्नोई ने कहा कि कोर्ट का आदेश अवैध है, इसलिए FIR दर्ज नहीं की जाएगी।

उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले की न्यायिक जांच पहले ही हो चुकी है, जिसमें पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराया गया है। अब पुलिस इस आदेश के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेगी।

यह पूरा मामला फिलहाल प्रदेश की राजनीति और प्रशासन, दोनों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सन्मार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।