Major Change in the State Election Committee : रांची में कांग्रेस संगठन से जुड़ा एक अहम फैसला सामने आया है। पार्टी के SC, ST, OBC और अल्पसंख्यक विभागों के प्रदेश अध्यक्षों को अब प्रदेश चुनाव समिति में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा।
यह जानकारी प्रदेश कांग्रेस के Media Chairman ने दी। इस फैसले को संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन में लिया गया निर्णय
बताया गया कि कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge के नेतृत्व में, राहुल गांधी, के.सी. वेणुगोपाल और के. राजू जैसे वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन में पार्टी ने यह निर्देश जारी किया है।
इसके तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक विभागों के प्रदेश अध्यक्ष अब प्रदेश चुनाव समिति का हिस्सा बनेंगे। इससे निर्णय प्रक्रिया में इन वर्गों की भागीदारी सीधे तौर पर सुनिश्चित होगी।
उम्मीदवार चयन में होगी निर्णायक भूमिका
इस बदलाव के बाद संबंधित विभागों के प्रदेश अध्यक्ष विधानसभा और अन्य चुनावों में उम्मीदवारों के चयन में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
इससे पार्टी के अंदर निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक समावेशी और न्यायपूर्ण बनने की उम्मीद जताई जा रही है। संगठन का मानना है कि इससे जमीनी स्तर की वास्तविक समस्याएं और सुझाव चुनावी फैसलों तक पहुंच पाएंगे।

वंचित वर्गों की आवाज को मिलेगा मंच
इस फैसले का उद्देश्य वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों की आवाज को पार्टी के चुनावी निर्णयों में मजबूती से शामिल करना है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इससे सामाजिक प्रतिनिधित्व और संतुलन बेहतर होगा, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए जरूरी है।
सामाजिक न्याय की नीति को मिलेगी मजबूती
कांग्रेस का यह कदम सामाजिक न्याय की उसकी नीति को और मजबूत करता है। यह फैसला संविधान के मूल्यों – समता, न्याय और समावेश- पर आधारित बताया जा रहा है।
संगठन के अनुसार, इससे न केवल चुनावी रणनीति बेहतर होगी, बल्कि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने का संदेश भी जाएगा।




