विशेष शिक्षक नियुक्ति नियमावली पर सवाल, हाईकोर्ट में सुनवाई जारी

Archana Ekka
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Special Teacher Appointment Rules : रांची में विशेष शिक्षा सहायक आचार्य संवर्ग की नियुक्ति और सेवा शर्त नियमावली को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।

इस मामले में दायर याचिका पर Jharkhand High Court में सुनवाई हुई, जहां याचिकाकर्ताओं ने नियुक्ति प्रक्रिया और नियमों पर गंभीर आपत्ति जताई।

छात्रों और अभ्यर्थियों का कहना है कि नियमावली में कई ऐसी बातें हैं, जो उनके अधिकारों को प्रभावित करती हैं।

आरक्षित वर्ग को अंकों में छूट न मिलने पर आपत्ति

याचिकाकर्ता की ओर से Court को बताया गया कि बनाई गई नियुक्ति नियमावली में आरक्षित कोटा के अभ्यर्थियों को शैक्षणिक अर्हता यानी मार्क्स में कोई छूट नहीं दी गई है।

यह सीधे तौर पर समान अवसर के सिद्धांत के खिलाफ है। इसी आधार पर नियमावली के साथ-साथ इसके तहत निकाले गए विज्ञापन को भी चुनौती दी गई है।

JPSC और राज्य सरकार का पक्ष

वहीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की ओर से अधिवक्ता और संजय पिपरावाल एवं प्रिंस कुमार ने कोर्ट में पक्ष रखा।

उन्होंने कहा कि नियुक्ति नियमावली बनाने का अधिकार राज्य सरकार के पास है और यह पूरी तरह सरकारी नीति के तहत तैयार की गई है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि नियमावली के आधार पर ही आगे की प्रक्रिया चल रही है।

3451 पदों के लिए हो रही है परीक्षा

कोर्ट को यह भी बताया गया कि इसी नियमावली के तहत JPSC झारखंड इंटरमीडिएट एंड ग्रेजुएट ट्रेंड स्पेशल एजुकेशन असिस्टेंट टीचर कंबाइंड कॉम्पेटिटिव एग्जामिनेशन विज्ञापन संख्या 8/2025 के माध्यम से आयोजित कर रहा है।

यह परीक्षा कुल 3451 पदों पर नियुक्ति के लिए ली जा रही है, जिससे हजारों अभ्यर्थी जुड़े हुए हैं।

अंतरिम राहत से कोर्ट का इनकार

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को कोई अंतरिम राहत नहीं दी।

हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि फिलहाल न तो विज्ञापन पर रोक लगेगी और न ही नियुक्ति नियमावली में कोई हस्तक्षेप किया जाएगा।

जवाब और अगली सुनवाई की समयसीमा

कोर्ट ने JPSC और अन्य प्रतिवादियों को छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। वहीं याचिकाकर्ताओं को प्रतिवादियों के जवाब पर दो सप्ताह में प्रतिउत्तर देने का समय दिया गया है।

कोर्ट ने यह भी कहा कि इस रिट याचिका के अंतिम फैसले से ही नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित होगी। मामले की अगली सुनवाई आठ सप्ताह बाद तय की गई है।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सनमार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।