
Attachment and Confiscation Order : पटना से एक बड़ी कानूनी खबर सामने आई है। पटना की विशेष MP-MLA अदालत ने पूर्णिया के निर्दलीय सांसद Rajesh Ranjan alias Pappu Yadav समेत तीन लोगों के खिलाफ कुर्की-जप्ती का सख्त आदेश जारी किया है।
यह मामला धोखाधड़ी से मकान किराए पर लेने और उसके दुरुपयोग से जुड़ा हुआ है, जो करीब 31 साल पुराना बताया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला
यह केस साल 1995 का है। Patna के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र में रहने वाले विनोद बिहारी लाल नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी।
उन्होंने आरोप लगाया था कि उनका मकान धोखे से किराए पर लिया गया और बाद में उसमें सांसद कार्यालय चलाया जाने लगा।
शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी पहले नहीं दी गई थी और बाद में उन्हें इसका पता चला।
लंबे समय से कोर्ट में पेशी नहीं
इस मामले में पप्पू यादव समेत तीनों आरोपी लंबे समय तक अदालत में पेश नहीं हुए। इसी वजह से केस आगे नहीं बढ़ पा रहा था।
कोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया और अब कुर्की-जप्ती का आदेश जारी कर दिया है। साथ ही तीनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और इश्तेहार भी पहले ही जारी किया जा चुका है।
पप्पू यादव का राजनीतिक सफर
Pappu Yadav बिहार की राजनीति में एक बड़ा नाम हैं। वे पूर्णिया से कई बार सांसद चुने जा चुके हैं। हाल ही में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़कर जीत भी हासिल की है।
वर्ष 2024 के चुनावी हलफनामे में उन्होंने खुद बताया था कि उनके खिलाफ 41 आपराधिक मामले दर्ज हैं, हालांकि कई मामलों में वे बरी भी हो चुके हैं।
अगली सुनवाई की तारीख तय
कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 7 फरवरी 2026 तय की है। तब तक यदि आरोपी अदालत में उपस्थित नहीं होते हैं, तो आगे और सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
90 के दशक की पृष्ठभूमि
यह मामला 1990 के दशक से जुड़ा है, जब बिहार में बाहुबली राजनीति अपने चरम पर थी। उस दौर में कई ऐसे विवाद सामने आए थे, जिनके मामले आज भी अदालतों में चल रहे हैं। यह केस भी उसी समय का बताया जा रहा है।
अदालत के इस Order के बाद एक बार फिर पप्पू यादव से जुड़े पुराने मामलों पर चर्चा तेज हो गई है। अब देखना होगा कि अगली सुनवाई में क्या मोड़ आता है और आरोपी अदालत के सामने पेश होते हैं या नहीं।
