झारखंड के विस्थापितों की आवाज दिल्ली तक पहुंची

Archana Ekka
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Voice of the Displaced Reached Delhi: पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और राष्ट्रीय सचिव Amba Prasad ने शुक्रवार को नई दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi से शिष्टाचार मुलाकात की।

इस दौरान झारखंड में विस्थापित परिवारों को न्याय दिलाने, उनकी आजीविका और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई।

दोनों नेताओं ने क्षेत्र की पहचान और किसानों की मेहनत का प्रतीक बताते हुए राहुल गांधी को स्थानीय उपज—शुद्ध गुड़ और तिसी—भेंट की।

खनन परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा

बैठक में झारखंड के कई इलाकों में चल रही बड़ी खनन परियोजनाओं के कारण हो रहे विस्थापन, मुआवजे की कमी और पुनर्वास की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया।

नेताओं ने बताया कि NTPC, अडाणी समूह, सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड और Bharat Coking Coal Limited जैसी कंपनियों के प्रोजेक्ट्स में स्थानीय लोगों के अधिकारों की अनदेखी हो रही है।

कानून के पालन और जन सुनवाई की मांग

योगेंद्र साव और अंबा प्रसाद ने भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता के अधिकार अधिनियम, 2013 के पूर्ण पालन की मांग की।

उन्होंने सुझाव दिया कि प्रभावित परिवारों की बात सीधे सुनने के लिए जन सुनवाई या जनसभा का आयोजन जरूरी है।

राहुल गांधी का भरोसा

Rahul Gandhi ने नेताओं को आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से लेंगे और जरूरत पड़ी तो झारखंड का दौरा भी करेंगे।

उन्होंने कहा कि विस्थापितों को उनका सम्मानजनक हक दिलाने की लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक हर प्रभावित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सनमार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।