हमारे पूर्वजों के उल्लेखनीय पोत निर्माण कौशल को प्रतिबिंबित करता है आइएनएसवी कौंडिन्या : संजय सेठ

Archana Ekka
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ऐतिहासिक नौकायन पोत आइएनएसवी कौंडिन्या के ध्वजारोहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री

मुंबई : केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ सोमवार को मुंबई में भारतीय नौसेना के ऐतिहासिक नौकायन पोत आइएनएसवी कौंडिन्या के ध्वजारोहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर संजय सेठ ने कहा कि इस अवसर पर नौसेना परिसर में उपस्थित होना एक अनूठा और गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि आइएनएसवी कौंडिन्या भारत की सदियों पुरानी समुद्री परंपराओं और हमारे पूर्वजों के उल्लेखनीय पोत निर्माण कौशल को प्रतिबिंबित करता है, जिससे राष्ट्र को अपनी समृद्ध समुद्री विरासत से पुनः जुड़ने और उस पर गर्व करने का अवसर मिलता है। यह पोत 29 दिसंबर 2025 को पोरबंदर से रवाना हुआ और लगभग 1500 समुद्री मील की दूरी तय करते हुए अरब सागर से होते हुए मस्कट पहुंचा, जो प्रतीकात्मक रूप से भारत और ओमान के बीच प्राचीन समुद्री संबंधों को पुनर्जीवित करता है।

उन्होंने कहा कि इस पोत का निर्माण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के निर्माण और राष्ट्र की विरासत का सम्मान करने के दृष्टिकोण को दर्शाता है। यह परियोजना भारतीय नौसेना, संस्कृति मंत्रालय और होडी इनोवेशन्स प्राइवेट लिमिटेड के संयुक्त प्रयासों से साकार हुई है। मंत्री जी ने आइएनएसवी कौंडिन्या के संपूर्ण चालक दल को उनके समर्पण और व्यावसायिकता के लिए बधाई दी। होली के अवसर पर उन्होंने दल को बधाई दी और टीम के साथ अबीर लगाकर इस उत्सव को मनाया। पश्चिमी नौसेना कमान के ध्वज अधिकारी कमान-इन-चीफ कृष्णा स्वामीनाथन वरिष्ठ नौसेना अधिकारियों के साथ इस अवसर पर उपस्थित थे। ओमान के महावाणिज्यदूत महामहिम महबूब ईसा अल रायसी भी समारोह में शामिल हुए। मंत्री ने कहा कि आईएनएसवी कौंडिन्या की यात्रा भारत के गौरवशाली अतीत, आत्मविश्वास से भरे वर्तमान और महत्वाकांक्षी समुद्री भविष्य का प्रतीक है।

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