उपेन्द्र कुशवाहा होंगे एनडीए के पांचवें उम्मीदवार

Neeral Prakash
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पटना : बिहार में राज्यसभा चुनाव के बीच एनडीए ने रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के नाम पर मुहर लगा दी है। उपेंद्र कुशवाहा को पांचवा उम्मीदवार घोषित कर दिया गया है । मंगलवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने यह जानकारी दी। बता दें कि भाजपा पहले ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और शिवेश राम को अपना उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। जदयू ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा अभी नहीं की है । जदयू से भी दो उम्मीदवार राज्यसभा जायेंगे। उपेन्द्र कुशवाहा 5 मार्च को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। रालोमो ने उन्हें आधिकारिक रूप से उम्मीदवार बनाया है।

संजय सरावगी ने बताया कि 5 मार्च को एनडीए के सभी पांचों उम्मीदवार एक साथ नामांकन करेंगे। उन्होने कहा कि बिहार की सभी पांच राज्यसभा सीटों पर एनडीए गठबंधन अपने उम्मीदवार उतारेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि एनडीए के पास पर्याप्त बहुमत है और उनके सभी पांचों प्रत्याशी चुनाव जीतकर सदन पहुंचेंगे।

सीटों के बंटवारे की जानकारी देते हुए सरावगी ने बताया कि भाजपा की ओर से दो उम्मीदवार मैदान में होंगे, जिनमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और प्रदेश उपाध्यक्ष शिवेश कुमार राम शामिल हैं। वहीं, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा एनडीए के साझा उम्मीदवार के तौर पर राज्यसभा के लिए नामांकन करेंगे। संजय सरावगी के अनुसार, पांच सीटों में से भाजपा के दो और जदयू के दो उम्मीदवार होंगे। शेष एक सीट रालोमो के खाते में गई है, जिसपर उपेंद्र कुशवाहा अपना पर्चा दाखिल करेंगे। उल्लेखनीय है कि शिवेश कुमार राम भाजपा के सासाराम से लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी रहे हैं।

संजय सरावगी ने कहा कि एनडीए के सभी उम्मीदवार 5 मार्च को सामूहिक रूप से अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। इस दौरान एनडीए के तमाम दिग्गज नेताओं के मौजूद रहने की संभावना है। जदयू भी जल्द लिस्ट जारी कर सकता
इस बीच राज्यसभा चुनाव को लेकर बिहार की राजनीति में गतिविधियां तेज हो गई हैं और 5 मार्च का दिन राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। एनडीए के फार्मूले के तहत भाजपा के 2, जदयू के 2 और रालोमो के 1 उम्मीदवार मैदान में होंगे। अब सबकी निगाहें महागठबंधन की ओर से तय किए जाने वाले उम्मीदवार पर टिकी होगी। अगर छठे प्रत्याशी मैदान में होंगे तब नौबत चुनाव की होगी, अन्यथा पांचों उम्मीदवार निर्विरोध जीत सकते हैं।

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