
एलपीजी की संभावित कमी से रेल यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए IRCTC ने कुछ नई गाइडलाइन जारी की हैं। इन निर्देशों में कैटरिंग संचालकों से कहा गया है कि वे माइक्रोवेव और इंडक्शन जैसे बिजली से चलने वाले उपकरणों का उपयोग करें, ताकि रेडी-टू-ईट भोजन का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा जा सके। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि एलपीजी की कमी के कारण यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराने में कोई बाधा न आए, इसलिए कैटरिंग यूनिट्स को रेडी-टू-ईट भोजन का स्टॉक रखना होगा। हालांकि यह नियम केवल रेलवे स्टेशनों और वहां संचालित दुकानों के लिए लागू होगा, चलती ट्रेनों में इस व्यवस्था को लागू नहीं किया गया है।
इसके साथ ही निर्देश दिया गया है कि नए नियमों के अनुसार रेलवे स्टेशनों पर संचालित स्टॉल और कैटरिंग यूनिट्स को अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव करना होगा और माइक्रोवेव व इंडक्शन जैसे बिजली उपकरण अपनाने होंगे। यदि किसी यूनिट में गैस के जरिए खाना बनाना पूरी तरह बंद किया जाता है, तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग को देनी होगी।
