
डेस्क : जैसे जैसे नक्सलवाद की खात्मे की डेडलाइन नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे माओवादी आत्मसमर्पण कर रहे हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में नक्सलियों ने हथियार डाल दिए हैं। जानकारी के मुताबिक कुल 3.95 करोड़ रुपये के इनामी 106 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें बीजापुर और दंतेवाड़ा के 67 नक्सली भी शामिल हैं।
अगर रैंक के हिसाब से बात करें तो बीजापुर में डीवीसीएम रैंक के दो, पीपीसीएम रैंक के चार, एसीएम रैंक के नौ और पीएम रैंक के 22 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इन 37 नक्सलियों पर कुल 106 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वहीं नारायणपुर में डीवीसीएम रैंक का एक, सीवाईपीसीएम रैंक का एक, पीपीसीएम रैंक का एक और पीएम रैंक के दो नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इन सभी पर मिलाकर 22 लाख रुपये का इनाम रखा गया था। बताते चलें कि देश में 31 मार्च तक नक्सलवाद के पूरी तरह खात्मे की डेडलाइन तय की गई है.
बस्तर में भी नक्सलियों ने डाले हथियार
इसके अलावा बस्तर में भी नक्सलियों के सरेंडर का सिलसिला जारी रहा। यहां डीवीसीएम रैंक का एक, पीपीसीएम के पांच, एसीएम के तीन और पीएम रैंक के सात नक्सलियों ने हथियार डाल दिए। इन कुल 16 नक्सलियों पर 99 लाख रुपये का इनाम घोषित था। कांकेर जिले में डीवीसीएम रैंक का एक नक्सली, जबकि एसीएम और पीएम रैंक के एक-एक नक्सली ने सरेंडर किया। इन तीनों पर मिलाकर 14 लाख रुपये का इनाम रखा गया था।
वहीं सुकमा में भी बड़ी संख्या में माओवादी सामने आए। यहां सीवाईपीसीएम रैंक के दो, पीपीसीएम के छह, एसीएम के पांच और पीएम रैंक के 18 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इन सभी पर कुल 85 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इसके अलावा दंतेवाड़ा में डीवीसीएम रैंक का एक, पीपीसीएम के दो, एसीएम के पांच और पीएम रैंक के 22 नक्सलियों ने सरेंडर किया। इन पर मिलाकर 69 लाख रुपये का इनाम रखा गया था। लगातार हो रहे इन आत्मसमर्पणों को सुरक्षा एजेंसियां नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान की बड़ी सफलता के तौर पर देख रही हैं।
