
रांची : सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म निर्माता सुजाय घोष को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ झारखंड में चल रहे कॉपीराइट उल्लंघन मामले की कार्यवाही को खारिज कर दिया है। अदालत ने उनकी याचिका को स्वीकार करते हुए निचली अदालत और हाई कोर्ट के आदेशों को निरस्त कर दिया।
न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और आलोक अराधे की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की। पीठ ने झारखंड हाई कोर्ट के 22 अप्रैल 2025 के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें घोष के खिलाफ चल रही कार्यवाही को समाप्त करने से इनकार किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, हजारीबाग द्वारा 7 जून 2018 को पारित समन आदेश और हाई कोर्ट के 2025 के आदेश, दोनों को खारिज किया जाता है।
गौरतलब है कि शीर्ष अदालत ने पिछले साल जुलाई में घोष की याचिका पर झारखंड सरकार को नोटिस जारी किया था। घोष ने हजारीबाग की सीजेएम अदालत में चल रहे मामले को निरस्त करने की मांग की थी।
इससे पहले फिल्म निर्माता ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सीजेएम अदालत के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनके खिलाफ कॉपीराइट अधिनियम, 1957 की धारा 63 के तहत प्राइमाफेसी मामला स्थापित किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से अब इस मामले में चल रही सभी कानूनी कार्यवाही समाप्त हो गई है और सुजाय घोष को बड़ी राहत मिली है।
