
रांची: झारखंड हाईकोर्ट में समय पूर्व रिहाई (प्रीमिच्योर रिलीज) से जुड़े एक मामले में धनबाद के वासेपुर निवासी फहीम खान की अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। इस मामले में हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। यह मामला पहले दिए गए अदालत के आदेश के पालन से जुड़ा हुआ है, जिसे लेकर यह याचिका दायर की गई थी।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, पहले हाईकोर्ट ने फहीम खान की क्रिमिनल रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि 1984 की नीति के आधार पर उनकी समय से पहले रिहाई पर विचार किया जाए। साथ ही यह प्रक्रिया 6 सप्ताह के भीतर पूरी करने को कहा गया था। लेकिन आदेश का पालन नहीं होने पर फहीम खान ने अवमानना याचिका दायर की।
सजा और जेल अवधि का विवरण
मिली जानकारी के अनुसार, फहीम खान को वर्ष 2009 में हत्या (धारा 302 IPC) के मामले में दोषी ठहराया गया था और उन्हें आजीवन कारावास की सजा मिली थी। वह अब तक लगभग 18 साल से अधिक वास्तविक सजा काट चुके हैं और 20 साल से ज्यादा (रिमिशन सहित) जेल में रह चुके हैं। उन्होंने समय से पहले रिहाई के लिए आवेदन भी दिया था, जिसे सरकार ने 2007 की नीति के आधार पर खारिज कर दिया था।
अदालत के आदेश पर टिकी नजर
अब इस मामले में हाईकोर्ट के आगे की सुनवाई पर सभी की नजर बनी हुई है। अदालत के अगले फैसले से यह तय होगा कि फहीम खान की रिहाई के मामले में आगे क्या कदम उठाया जाएगा।
