सिक्किम में प्रकृति का प्रकोप; बारिश और भूस्खलन ने बढ़ाई मुश्किलें, चुंगथांग में फंसे 200 पर्यटक

उत्तरी सिक्किम में भूस्खलन से चुंगथांग में 200 पर्यटक फंसे, आईटीबीपी ने दी शरण, BRO सड़क साफ कर रहा, कुछ पर्यटक लौटे गंगटोक, कई मार्ग अब भी प्रभावित।

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नई दिल्ली : उत्तरी सिक्किम में भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन के बाद चुंगथांग में लगभग 200 पर्यटक फंस गए हैं। अधिकारियों ने बुधवार सुबह यह जानकारी दी। मंगन के जिलाधिकारी अनंत जैन ने बताया कि मंगलवार रात चुंगथांग-लाचेन मार्ग पर भूस्खलन होने से लाचेन जा रहे पर्यटक बीच रास्ते में ही फंस गए। उन्होंने बताया कि इन यात्रियों को रात भर चुंगथांग में भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के एक शिविर और एक गुरुद्वारे में ठहराया गया। अधिकारियों ने बताया कि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) सड़क को साफ करने के काम में लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्थिति की समीक्षा करेंगे और मौसम अनुकूल होने के साथ-साथ मार्गों के सुरक्षित होने पर ही आगे की यात्रा की अनुमति दी जाएगी।

इस बीच, कुछ पर्यटकों ने अपनी यात्रा योजना रद्द कर दी है और वे गंगटोक लौट आए। अधिकारियों ने बताया कि इसबीच लाचुंग जाने वाला मार्ग भी साफ कर दिया गया, जिसे वहां फंसे पर्यटकों को बुधवार सुबह सुरक्षित गंगटोक वापस भेज दिया गया। यह मार्ग मंगलवार रात अवरुद्ध हो गया था। क्षेत्र में रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। वर्ष 2023 में हिमनद झील फटने (जीएलओएफ) से आई बाढ़ में लाचेन मार्ग गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसे मरम्मत के बाद नौ मार्च को फिर से खोला गया था। इसके अलावा, पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बर्फबारी के कारण त्सोमगो झील और नाथुला भी पर्यटकों के लिए बंद हैं।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।