महिला अधिवक्ता से मारपीट केस में वकील महेश तिवारी दोषी, कोर्ट ने सुनाई सजा

रांची में महिला अधिवक्ता से मारपीट मामले में वकील महेश तिवारी दोषी, कोर्ट ने IPC 354 समेत विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई, 14 साल पुराने केस में आया फैसला

Razi Ahmad
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Case of Assault on Woman Advocate : रांची की मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सह विशेष MP/MLA कोर्ट ने महिला अधिवक्ता से मारपीट के एक पुराने मामले में वकील महेश तिवारी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।

अदालत ने आरोपी को IPC Section 354 के तहत 2 वर्ष, IPC Section 323 के तहत 1 वर्ष और IPC Section 341 के तहत 1 वर्ष की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इस घटना को न्यायालय परिसर की मर्यादा और अनुशासन से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए सख्त रुख अपनाया।

यह मामला करीब 14 साल पुराना है। घटना 1 मई 2012 को झारखण्ड उच्च न्यायालय परिसर में हुई थी, जहां तत्कालीन जस्टिस एन.एन. तिवारी की अदालत के बाहर आरोपी पर एक महिला अधिवक्ता के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था।

घटना के बाद धुर्वा पुलिस स्टेशन (डोरंडा थाना क्षेत्र) में कांड संख्या 191/2012 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मामले की शिकायत हाईकोर्ट की अधिवक्ता ऋतु कुमार द्वारा की गई थी।

इस फैसले का हाईकोर्ट और सिविल कोर्ट के कई अधिवक्ताओं ने स्वागत किया है और इसे न्याय व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखने की दिशा में अहम कदम बताया है।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।