झारखंड में नए CM आवास को लेकर सियासी पारा हाई! भाजपा ने ‘शीश महल’ के 100 करोड़ खर्च पर उठाए सवाल

झारखंड में नए CM आवास पर सियासत तेज, भाजपा ने 100 करोड़ खर्च पर उठाए सवाल, ‘शीश महल’ विवाद गहराया, सरकार ने बताया प्रशासनिक जरूरत, मुद्दा बना राजनीतिक बहस

Razi Ahmad
3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Hemant Soren House Controversy: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए नए आधिकारिक आवास की योजना ने राज्य की राजनीति में गर्मी बढ़ा दी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 67 करोड़ रुपये बताई जा रही है, लेकिन विपक्ष का कहना है कि अंततः कुल खर्च 100 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

क्या है पूरा मामला

सरकार ने रांची में मुख्यमंत्री के लिए नया आवास बनाने का टेंडर जारी किया है। इस टेंडर की अनुमानित लागत करीब 67 करोड़ रुपये है और इसे पूरा करने की अवधि लगभग 18 महीने रखी गई है। हालांकि, इस खर्च में केवल निर्माण लागत शामिल है। अगर अंदरूनी सजावट, फर्नीचर और अन्य सुविधाओं को जोड़ा जाए, तो कुल खर्च काफी बढ़ सकता है।

विपक्ष ने क्यों उठाया विरोध

BJP ने इस परियोजना को “शीश महल” करार देते हुए कड़ा विरोध जताया है। पार्टी का कहना है कि यह जनता के पैसों का गलत इस्तेमाल है। BJP नेताओं का आरोप है कि जब राज्य में गरीबों और आम लोगों के लिए योजनाएं पूरी तरह लागू नहीं हो पा रही हैं, तब इतने महंगे आवास पर पैसा खर्च करना गलत प्राथमिकता है। उनका दावा है कि अंतिम खर्च 100 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है, जिससे यह और विवादास्पद बन गया है।

सरकार और कांग्रेस का जवाब

वहीं, कांग्रेस और सरकार के सहयोगी दलों ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि यह कोई निजी विलासिता नहीं, बल्कि प्रशासनिक और सुरक्षा आवश्यकताओं से जुड़ा मामला है। सरकार का तर्क है कि मुख्यमंत्री के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित आवास जरूरी है, ताकि शासन बेहतर तरीके से चल सके।

जानिए क्यों बढ़ा विवाद

यह मुद्दा इसलिए चर्चा में है क्योंकि राज्य में बेरोजगारी, महंगाई और अन्य समस्याएं हैं, और ऐसे समय में इतनी बड़ी परियोजना सामने आई है। विपक्ष इसे जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला कदम मान रहा है, जबकि सरकार इसे जरूरी प्रशासनिक निवेश बता रही है।

अब देखना दिलचस्प होगा कि यह परियोजना आगे बढ़ती है या विरोध के चलते इसमें कोई बदलाव होता है। फिलहाल, यह मुद्दा झारखंड की राजनीति में बड़ा विवाद बन चुका है और आने वाले समय में और गरम हो सकता है।

Share This Article
रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।