मामूली विवाद में दोस्त की हत्या, रोहित तिग्गा की जमानत याचिका खारिज

रांची में दोस्त की हत्या मामले में रोहित तिग्गा को कोर्ट से राहत नहीं, मामूली विवाद बना जानलेवा, फायरिंग में हुई मौत, अदालत ने जमानत याचिका खारिज की

Razi Ahmad
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Rohit Tigga Bail Rejected : रांची में एक मामूली विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया, जहां दोस्ती का रिश्ता ही जानलेवा बन गया। इस सनसनीखेज हत्या मामले में आरोपी रोहित तिग्गा को कोर्ट से राहत नहीं मिली है।

अपर न्याययुक्त Pawan Kumar की अदालत ने रोहित तिग्गा की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। यह घटना फरवरी 2026 की बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, संदीप टोप्पो अपने दोस्त आलोक उरांव के पिता की रिटायरमेंट पार्टी में शामिल होने गया था। इस दौरान उसके साथ विनीत खलखो, शिवराज उरांव और रोहित तिग्गा भी मौजूद थे।

पार्टी खत्म होने के बाद सभी दोस्त घर से कुछ दूरी पर फिर से जुटे। ठंड से बचने के लिए पुआल में आग लगाने की कोशिश में पहले फायरिंग की गई, लेकिन जब आग नहीं लगी तो सभी देर रात शराब लेने के लिए गाड़ी से निकल पड़े।

इसी दौरान गाड़ी की स्पीड को लेकर आपस में बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक हो गई। आरोप है कि इसी विवाद में विनीत खलखो ने संदीप टोप्पो के सिर पर गोली मार दी।

घटना के बाद घायल संदीप को उसके दोस्त अस्पताल ले गए, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विनीत खलखो, शिवराज उरांव, आलोक उरांव और रोहित तिग्गा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से हथियार और कारतूस भी बरामद किए थे।

इस पूरे मामले में कोर्ट का सख्त रुख यह दर्शाता है कि गंभीर अपराधों में आरोपी को आसानी से राहत नहीं दी जाएगी।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।