बढ़ी हुई बिजली दर को अविलंब वापस ले हेमंत सरकार : आदित्य साहू

बढ़ी बिजली दर और भारी बिलों पर भाजपा का हेमंत सरकार पर हमला, आदित्य साहू ने दरें वापस लेने की मांग की, उपभोक्ताओं की परेशानी उठाया मुद्दा।

Razi Ahmad
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  • बिजली विभाग की लापरवाही से उपभोक्ता परेशान
    साधारण उपभोक्ता को दो से ढाई लाख तक के आ रहे बिल

Jharkhand Electricity Tariff Hike : भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने शुक्रवार को राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा।

श्री साहू ने कहा कि एक तरफ हेमंत सरकार राज्य के खजाने को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा रही है। रोज रोज नए घोटाले उजागर हो रहे।ट्रेज़री घोटाले ने तो लालू राज में हुए पशुपालन घोटाले को भी मात दे दिया है। आज स्थिति है कि एक छोटे कर्मचारी से लेकर राज्यपाल तक के वेतन का भुगतान नहीं हो पा रहा।

श्री साहू ने कहा कि एक तरफ हेमंत सरकार राज्य का खजाना लूट रही दूसरी ओर जनता पर बिजली बिल का बोझ लादकर आम आदमी को भी लूट रही है। ऐसे में हेमंत सरकार लूट और झूठ की सरकार ही साबित हुई है।

कहा कि 200 यूनिट बिजली मुफ्त देने की बात पूरी तरह छलावा और धोखा ही है। लोक कल्याण हेतु अपने वादों को धरातल पर लागू करने केलिए हेमंत सरकार ने आय का कोई स्रोत विकसित नहीं किया।

खान खनिज की रॉयल्टी, डीएम एफ टी जैसे फंड भी राज्य सरकार ने अपनी सुख सुविधा, पदाधिकारियों के ऐश मौज पर खर्च कर दिए। सरकार की नीयत साफ रहती तो इन फंडों के माध्यम से जनता को बड़ी राहत मिल सकती थी।

कहा कि राज्य सरकार को 100 करोड़ की लागत से शीश महल बनाने की चिंता है लेकिन राज्य के आम आदमी को बिजली बिल में राहत की बात पसंद नहीं।

कहा कि भले राज्य में अपराध सिर चढ़कर बोल रहा हो, लेकिन करोड़ो की गाड़ियां खरीद कर ध्वस्त विधि व्यवस्था को चिढ़ाया जा रहा है।

कहा कि राज्य सरकार न तो किसानों को 3200 रूपये प्रति क्विंटल धान खरीदे,न 450 रुपए में गैस सिलेंडर दिए, न युवाओं को कोई रोजगार दिए ,न बेरोजगारी भत्ता दिए। फिर जनता को आखिर अतिरिक्त आय की कौन सी व्यवस्था हुई कि उनपर बिजली बिल का अतिरिक्त बोझ लाद दिया गया।

कहा कि राज्य सरकार की मंशा पर विद्युत नियामक आयोग ने भी विरोध जताया है। इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार गरीबों,किसानों, आम उपभोक्ताओं पर नियम विरुद्ध बोझ लादकर अपनी नाकामियों को छुपाना चाहती है।

कहा कि आज बिजली आम आदमी के जीवन को रोज मर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है।लेकिन सरकार को जनता के दुख दर्द से कुछ भी लेना देना नहीं है। महीनों तक जले ट्रांसफार्मर बदले नहीं जा रहे, राजधानी में जब बिजली आपूर्ति ठीक नहीं तो फिर गांव देहात छोटे कस्बों की हालत क्या होगी यह किसी से छुपा नहीं है। अनेक उपभोक्ताओं को एक साथ दो लाख ढाई लाख तक के बिल बिजली विभाग द्वारा भेज दिए जा रहे और उपभोक्ता सुधार केलिए काम धंधा छोड़ ऑफिस ऑफिस का चक्कर लगाने को मजबूर है।

उन्होंने कहा कि कई उपभोक्ताओं से इस संबंध में शिकायत मिलने पर बिल में सुधार केलिए उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों से बात भी की

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।