
Drowning Accident: झारखंड के लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां पानी से भरे एक पुराने गड्ढे में डूबने से एक ही परिवार के तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है, जबकि परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, बालूमाथ थाना क्षेत्र के आरा गांव निवासी द्वारिका गंझु के तीनों बच्चे शुक्रवार को घर से खेलने निकले थे। काफी देर तक जब बच्चे वापस नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान गांव के पास स्थित एक पुराने पानी भरे गड्ढे में तीनों बच्चों के डूबे होने की जानकारी मिली। ग्रामीणों और परिजनों ने तत्काल बच्चों को बाहर निकाला और इलाज के लिए बालूमाथ अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया।
मृतकों में बड़ी बेटी दीपिका कुमारी, उससे छोटी माही कुमारी और सबसे छोटा पुत्र आर्यन कुमार शामिल हैं। तीनों बच्चों की एक साथ मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। गांव में मातम पसरा हुआ है और हर किसी की आंखें नम हैं। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोगों का भी दिल दहल उठा।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जिस गड्ढे में बच्चे डूबे, उसे वर्षों पहले फायर क्ले खनन के लिए खोदा गया था। खनन कार्य बंद होने के बाद गड्ढे को भरा नहीं गया, जिससे उसमें बारिश और अन्य स्रोतों का पानी जमा रहता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ऐसे कई खतरनाक गड्ढे आज भी क्षेत्र में मौजूद हैं, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। लातेहार के उप विकास आयुक्त सैयद रियाज अहमद और एसडीएम दिनेश कुमार ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। एसडीएम स्वयं घटनास्थल के लिए रवाना हुए और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं बालूमाथ थाना प्रभारी अमित कुमार रविदास अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच में जुट गए।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर परित्यक्त खनन क्षेत्रों और खुले गड्ढों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे सभी खतरनाक स्थलों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित बनाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह की त्रासदी का सामना न करना पड़े।

