
रांची : होली के दिन गुरुद्वारा श्री गुरु नानक सत्संग सभा की ओर से कृष्णा नगर कॉलोनी गुरुद्वारा साहिब में 4 मार्च बुधवार को विशेष दीवान सजाया गया। दीवान की शुरुआत सुबह 8:00 बजे हजूरी रागी जत्था भाई महिपाल सिंह जी द्वारा आसा दी वार के कीर्तन से हुई तत्पश्चात उन्होंने ” आजु हमारे गृह वसंत गुन गाए प्रभ तुमी अनंत…” एवं ” थिर घर वैसहु हर जन पिआरे सतगुरु तुमरे काज सवारे…” शबद गायन किया।
गुरुद्वारा के हेड ग्रंथी ज्ञानी जिवेन्द्र सिंह ने कथा वाचन कर होला महल्ला की परंपरा को संगत की बाबत कहा कि इस त्योहार को सिखों के 10वें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने एक नए ढंग से मनाने की परंपरा शुरू की थी, जो आज इस बात का बात का प्रतीक बन गई है कि जीवन से जुड़े सारे रंग और सच्चा आनंद परमात्मा के बगैर अधूरे हैं। होली को होला महल्ला के रूप में मनाने की शुरुआत 1680 में किला आनंदगढ़ साहिब में गुरु गोबिंद सिंहजी ने खुद की थी। इसका मुख्य उद्देश्य सिख समुदाय को तन और मन से मजबूत बनाते हुए उनमें विजय और वीरता के जज्बे को दृढ़ करना था। उन्होंने समुदाय को दो दलों में बांटकर एक-दूसरे के साथ युद्ध करने की सीख दी। इसमें विशेष रूप से उनकी लाडली फौज यानि निहंग को शामिल किया गया, जो पैदल और घुड़सवारी करते हुए शस्त्रों को चलाने का अभ्यास करते थे। इस तरह तब से लेकर आज तक होला महल्ला के पावन पर्व पर अबीर और गुलाल के बीच आपको इसी शूरता और वीरता का रंग देखने को मिलता है। इस दौरान जो बोले सो निहाल और झूल दे निशान कौम दे के जयकारे गूंजते रहते हैं।
श्री अनंद साहिब जी के पाठ, अरदास हुकुम नामा और कढ़ाह प्रसाद वितरण के साथ विशेष दीवान की समाप्ति सुबह 9:30 बजे हुई। इस मौके पर सत्संग सभा द्वारा श्रद्धालुओं के लिए चाय नाश्ते का लंगर भी चलाया गया। मंच संचालन गुरु घर के सेवक मनीष मिड्ढा ने किया सत्संग सभा के अध्यक्ष अर्जुन देव मिड्ढा ने साध संगत को होली पर्व की शुभकामनाएं दी। दीवान में सुरेश मिढ़ा, बिनोद सुखीजा,सूंदर दास मिढ़ा,हरविंदर सिंह बेदी, अशोक गेरा, कवलजीत मिड्ढा, नीरज गखड़,किशन गिरधर, मनीष गिरधर,रमेश पपनेजा,इन्दर मिढ़ा,अश्विनी सुखीजा,मोहन लाल अरोड़ा,कमल धमीजा,शैंकी मिढा,कौशिक अरोड़ा,दिनेश गाबा,जीवन मिढ़ा,मोहन काठपाल,महेंद्र अरोड़ा,रमेश तेहरी, जीतू अरोड़ा,रौनक ग्रोवर,वेद प्रकाश मिढ़ा,आशु मिढ़ा,नवीन मिढ़ा,राजेन्द्र मक्कड़,जीतू काठपाल, पाली मुंजाल,बसंत काठपाल,हरीश मिढ़ा,हरविंदर सिंह,सूरज झंडई,गुलशन मिढ़ा,प्रकाश गिरधर,गौरव मिढ़ा,अमन डावरा,पियूष मिढ़ा,उमेश मुंजाल, पंकज मिड्ढा,कमल मुंजाल,मनीष गिरधर,ज्ञान मादन पोत्रा,प्रवीण मुंजाल,प्रमोद चुचरा,ज्चंदन गिरधर,मोहित मुंजाल, मनीष मल्होत्रा, गीता कटारिया,बबली दुआ,शीतल मुंजाल,ममता थरेजा,तीर्थी काठपालिया,रेशमा गिरधर,नीता मिढ़ा,इंदु पपनेजा,बबिता पपनेजा,श्वेता मुंजाल,अमर मुंजाल,नीता मिढ़ा,भजना देवी डावरा,देवकी मुंजाल,दुर्गी देवी मिढ़ा,हरपाल कौर मिढ़ा,उषा झंडई,नेहा मिढ़ा,अंजना गिरधर,पलक थरेजा,अमन कौर,कंचन सुखीजा,हरदेवी गिरधर,उर्मिला खत्री,बलबीर मिढ़ा,हर्षा मिढ़ा,निती थरेजा, शीतल तेहरी,प्रेमी काठपाल,शीतल अरोड़ा,हरनाम थरेजा,ममता थरेजा,सुषमा गिरधर,नीतू किंगर,स्वीटी सिडाना,जूली गाबा,इशिका काठपाल,हरजिंदर कौर,बिमला मुंजाल,रजनी तेहरी,ममता सरदाना,रिशा मुंजाल, मिताली तेहरी, गूंज काठपाल समेत अन्य शामिल थे।
