झारखंड में यहां अचानक फटी धरती, दहकी आग, निकली जहरीली गैस ; देखें Photo

News Aroma Media
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धनबाद: मंगलवार को धनबाद के केंदुआडीह में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब अचानक तेज आवाज के साथ जमीन फट पड़ी।

इस धमाके के बाद जमीन से आग के शोले निकलने लगे। जमीन से जहरीली गैस का भी रिसाव होने लगा।

इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और लोगों को घटनास्थल से दूर किया।

घटना बीसीसीएल के लोयाबाद एरिया-5 के वासदेवपुर कोलियरी के संजय उद्योग आउटसोर्सिंग माइंस में हुई।

अचानक हुए इस ब्लास्ट के बाद उस जगह से तेजी से आग के साथ गैस रिसाव शुरू हो गया।

ब्लास्ट के बाद अफरा-तफरी का माहौल रहा। बाद में घटनास्थल पर नजारा देखनेवालों की भीड़ जुटने लगी।

सूचना मिलने पर केंदुआडीह थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों से गैस रिसाव वाली जगह से दूर रहने की अपील की।

सूचना मिलने के बाद केंदुआडीह थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की ओर से लगातार लोगों से गैस रिसाव वाली जगह से दूर रहने की अपील की जा रही है।

वहीं, प्रबंधन के अब तक नहीं पहुंचने से लोगों में बेहद नाराजगी भी देखी जा रही है।

इस संबंध में जब धनबाद जिला प्रशासन से जानकारी लेने को लेकर संपर्क साधने की कोशिश की गई तो किसी भी सक्षम पदाधिकारी ने फोन नही उठाया।

स्थानीय निवासी कृष्णा राउत और लाल बाबु सिंह ने कहा कि बीसीसीएल जानबूझ कर यहाँ आग भड़का रही है।

ताकि वह यहाँ से लोगों को हटा स कर कोयला निकाल सके। उन्होंने कहा कि बीसीसीएल यदि उक्त स्थल पर ठीक ढंग से बालू भराई का काम करती तो इस तरह की घटना नही हुई होती।

इस संबंध में इंडियन स्कूल ऑफ माइंस के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. प्रमोद पाठक ने बताया कि कोयले के राष्ट्रीकरण से पूर्व यहाँ अवैज्ञानिक तरीके से कोयले का उत्खनन किया गया और इसके बाद उन खदानों का मुंह यूं ही खुला छोड़ दिया गया। इसके बाद ही कोयले में आग लगने की समस्या सामने आई।

उन्होंने बताया कि झरिया कोलफील्ड में आग की समस्या पूरी तरह से गहरा चुकी है।

आग का दायरा आज के समय मे कितना बड़ा और गहरा है इसका ठीक-ठीक अंदाज लगाना मुश्किल है लेकिन इतना जरूर कहा जा सकता है कि आग अब भयावह हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि अब इसका एक ही उपाय है कि फायर जोन से लोगों को हटा कर वहाँ के कोयले को निकाल लिया जाए। क्योंकि, आग आहिस्ता आहिस्ता अब धरती को खोखला करती जा रही है, जिससे भू-धसान की घटना बढ़ती जा रही है।

मौके पर पहुंचे वासदेवपुर कोलियारी के प्रोजेक्ट ऑफिसर सतेंद्र सिंह से जब इस संबंध में बात करने का प्रयास किया गया तो इन्होंने इस विषय पर चुप्पी साधते हुए कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

मौके पर पहुंचे केंदुआडीह इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी विनोद उरांव ने बताया कि ‘घटनास्थल से लोगों को हटा दिया गया है और इसकी सूचना स्थानीय बीसीसीएल प्रबंधक और जिला प्रशासन को दे दी गई है।

जल्द ही उक्त स्थल पर बालू भराई कर आग पर काबू पा लिया जाएगा।’

उन्होंने कहा कि लोगों को सुरक्षित जगह पर विस्थापित करने को लेकर लंबे समय से बीसीसीएल और जिला प्रशासन की तरफ से जद्दोजहद किया जा रहा है किंतु लोग अलग-अलग कारणों से उक्त स्थल को छोड़ना नही चाहते।

फिलहाल लोगों को घटना स्थल से दूर कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि कोयलांचल धनबाद में कोयला उत्खनन कर रही बीसीसीएल का लगभग एरिया आग की चपेट में है। इससे यहाँ के लोगों को आए दिन इस तरह की घटना से दो चार होना पड़ता है।

यहाँ की धरती कब कहा फट पड़े और किसे अपनी आगोश में ले ले ये कहना मुश्किल है।

बावजूद इसके बीसीसीएल प्रबंधन और झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकार की नींद अभी नहीं खुली है।

शायद वह किसी और भू-धंसान की घटना के इंतजार में हैं। इधर, बारिश का मौसम भी आ चुका है जो भू-धंसान के लिए सर्वाधिक खतरनाक समय है।

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