
नई दिल्ली: पूर्व नौकरशाहों और वन्यजीव संरक्षणवादियों के एक समूह ने असम सरकार के पर्यावरण विभाग के उस आदेश को वापस लेने की मांग की है, जिसमें राज्य में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए असम वन सुरक्षा बल (एएफपीएफ) के करीब 1600 कर्मियों को तैनात करने की बात कही गई है। अधिकारियों ने एक खुले पत्र में कहा है कि एएफपीएफ की तैनाती न केवल वन और वन्यजीव संरक्षण को कमजोर करेगी, बल्कि स्थापित कानूनी और प्रशासनिक मानदंडों का सीधा उल्लंघन भी करेगी।
