असम चुनाव में वन रक्षकों की नियुक्ति ‘चिंताजनक’ : वन्यजीव संरक्षणवादी

पूर्व नौकरशाहों और संरक्षणवादियों ने असम में चुनाव ड्यूटी हेतु एएफपीएफ तैनाती का विरोध किया, कहा इससे वन सुरक्षा कमजोर होगी और कानूनी मानदंडों का उल्लंघन होगा।

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नई दिल्ली: पूर्व नौकरशाहों और वन्यजीव संरक्षणवादियों के एक समूह ने असम सरकार के पर्यावरण विभाग के उस आदेश को वापस लेने की मांग की है, जिसमें राज्य में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए असम वन सुरक्षा बल (एएफपीएफ) के करीब 1600 कर्मियों को तैनात करने की बात कही गई है। अधिकारियों ने एक खुले पत्र में कहा है कि एएफपीएफ की तैनाती न केवल वन और वन्यजीव संरक्षण को कमजोर करेगी, बल्कि स्थापित कानूनी और प्रशासनिक मानदंडों का सीधा उल्लंघन भी करेगी।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।