उम्मीदों और चुनौतियों के बीच संतुलित प्रयास: संजय सर्राफ

Neeral Prakash
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रांची: झारखंड सरकार द्वारा आज सदन में प्रस्तुत वार्षिक बजट 2026 को राज्य के समग्र विकास की दिशा में एक मिला-जुला लेकिन सकारात्मक प्रयास माना जा रहा है। बजट में गरीबों के लिए अबुआ आवास योजना के विस्तार, 100 नए उत्कृष्ट विद्यालयों को ‘सीएम स्कूल ऑफ  एक्सीलेंस’ के रूप में संचालित करने, कृषि एवं ग्रामीण विकास को सशक्त बनाने तथा पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट विद्यालयों की स्थापना से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं कृषि और ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। पर्यटन को प्रोत्साहन मिलने से रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है। साथ ही महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की पहल को सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में सराहनीय कदम बताया गया है।

हालांकि, योजनाओं की घोषणा जितनी महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक आवश्यक उनका प्रभावी क्रियान्वयन माना जा रहा है। पूर्व के अनुभवों के आधार पर यह भी रेखांकित किया गया कि बजट प्रावधानों को धरातल पर उतारना सबसे बड़ी चुनौती होती है। यदि पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाती है, तो यह बजट राज्य के विकास को नई गति दे सकता है।

 

 

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