बौद्ध मंदिरों की जिम्मेदारी बौद्धों के पास होनी चाहिए-अठावले

Archana Ekka
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Demand for inclusion of Buddhist Representatives : केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर के ट्रस्ट में बौद्ध प्रतिनिधियों को शामिल करने की मांग दोहराई है।

अठावले ने सोमवार को यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हाल ही में उन्होने बोधगया जाकर महाबोधि मंदिर में दर्शन किया है। उन्होंने कहा कि मंदिर का संचालन करने वाले ट्रस्ट में केवल बौद्ध समुदाय के प्रतिनिधियों को ही शामिल किया जाना चाहिए।

अठावले ने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह हिंदू मंदिरों के ट्रस्ट का नेतृत्व हिंदू करते हैं, उसी तरह बौद्ध मंदिरों की जिम्मेदारी भी बौद्धों के पास होनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि दूसरे धर्म के लोगों को इस विशिष्ट धार्मिक ट्रस्ट का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए।

महाराष्ट्र में 7 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव पर बोलते हुए अठावले ने दावा किया कि महायुति (एनडीए) को 7 में से 6 सीटें मिलेंगी।

अठावले के मुताबिक, 7 में से 4 सीटें भाजपा के खाते में जाएंगी, जबकि एक-एक सीट एकनाथ शिंदे गुट और अजित दादा पवार की एनसीपी को मिल सकती है।

उन्होंने भरोसा जताया कि उनका कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है और उन्हें एक बार फिर राज्यसभा भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि 2014 से वह भाजपा के सहयोगी हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह के साथ उनके अच्छे संबंध हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह से अपने बेहतर संबंधों का हवाला देते हुए खुद को दोबारा राज्यसभा भेजे जाने की उम्मीद जताई। वहीं, बिहार में 5 सीटों पर होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर उन्होंने एनडीए को कम से कम 4 सीटें मिलने का दावा किया है, जबकि पांचवीं सीट पर स्थिति के अनुसार फैसले की बात कही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्यसभा चुनाव विधायकों के वोट से होता है। इसलिए विपक्ष से किसी विशेष बातचीत की जरूरत नहीं है।

एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बिना कपड़ों के विरोध प्रदर्शन को अठावले ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि खराब होती है और इससे भारत को शर्मिंदगी उठानी पड़ती है।

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