
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को पटना के मोइनुल हक स्टेडियम के पास चल रहे सैदपुर भूमिगत नाला और सड़क निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया। उनके साथ जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी भी थे। मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट की प्रगति देखते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि गुणवत्ता से समझौता किए बिना निर्माण कार्य में तेजी लायें,ताकि समय सीमा के भीतर जनता को इसका लाभ मिल सके। यह परियोजना राजधानी के जलजमाव की समस्या को कम करने के लिए अहम मानी जा रही है। निरीक्षण के दौरान पटना प्रमंडल के आयुक्त अनिमेष परासर एवं जिलाधिकारी डॉ० त्यागराजन ने मुख्यमंत्री को इस योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पहले भी इसे आकर कई बार देखा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सैदपुर नाले का बेहतर ढंग से जीर्णोद्धार कर इसके ऊपर फोर लेन सड़क का निर्माण कार्य तेजी से पूरा करें। उन्होंने कहा कि यह योजना काफी अच्छी है। इसके पूरा होने से सैदपुर, राजेन्द्र नगर, मुसल्लहपुर हाट, गायघाट और पहाड़ी क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या समाप्त होगी तथा न्यू पटना बाईपास से जुड़ने का लोगों को एक वैकल्पिक मार्ग की सुविधा मिलेगी। फोर लेन सड़क बन जाने से शहरवासियों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलने के साथ-साथ शहर भी खुबसूरत दिखेगा। उल्लेखनीय है कि पटना के 9 ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन एवं एक सिवरेज ट्रिटमेंट प्लांट (एस०टी०पी०) के पानी का बहाव सैदपुर नाला के माध्यम से होता है। नगर विकास विभाग अन्तर्गत बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) द्वारा 259.81 करोड़ रूपये की लागत से सैदपुर नाला पर पहाड़ी तक भूमिगत नाला के साथ सड़क का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस नाला की लंबाई 5.61 किलोमीटर है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बाकरगंज भूमिगत नाला निर्माण के साथ-साथ सड़क निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इसका निर्माण कार्य बेहतर ढंग से और जल्द पूरा करें। इसके पूरा होने से इस क्षेत्र में जल निकासी बेहतर होगा और जलजमाव की समस्या नहीं रहेगी। नाले के ऊपर सड़क बनने से इस क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा। बता दें कि बाकरगंज नाला पटना शहर के भीतरी हिस्से में स्थित एक मुख्य नाला है जो उमा सिनेमा हॉल से शुरू होकर अंटा घाट तक गंगा नदी की ओर जाता है। यह नाला शहर के कई भागों, बाजारों एवं आवासीय इलाकों के बीच से गुजरता है। वर्षा के समय जल निकासी के लिये यह एक अहम मार्ग है। इस परियोजना के तहत लगभग 1.4 किलोमीटर लंबी सड़क नाले के ऊपर बनायी जा रही है। इससे ट्रैफिक और जल निकासी दोनों बेहतर होगा। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ० चन्द्रशेखर सिंह,वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के० शर्मा सहित अन्य वरीय अधिकारी मौजूद थे।
