CJI ने मणिपुर के DGP को किया तलब, मामले की सुनवाई 7 को

उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप, कानूनी प्रणाली की प्रभावकारिता में जनता का विश्वास कम हो गया है और संवैधानिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं

News Aroma Media
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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मंगलवार को जांच की सुस्त गति और मणिपुर में मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर चिंता जाहिर की हैं।

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति DY चंद्रचूड़ (DY Chandrachud) ने टिप्पणी कर कहा कि जांच में प्रगति की कमी के कारण काफी समय गुजर जाने के बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप, कानूनी प्रणाली की प्रभावकारिता में जनता का विश्वास कम हो गया है और संवैधानिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

CJI चंद्रचूड़ ने कहा…

सीजेआई चंद्रचूड़ (CJI Chandrachud) ने बताया कि जांच उल्लेखनीय रूप से सुस्त रही है, गिरफ्तारी या ठोस नतीजों के मामले में बहुत कम या कोई प्रगति नहीं हुई है।

इसके अलावा, उन्होंने काफी समय बीतने के बाद ही बयान दर्ज करने की संबंधित प्रवृत्ति पर प्रकाश डाला, जिससे एकत्र किए गए सबूतों की विश्वसनीयता पर संदेह पैदा हो गया।

कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई सोमवार 7 अगस्त के लिए तय कर मणिपुर के DGP को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर सवालों के जवाब देने को कहा।

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