
नई दिल्ली : कांग्रेस ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बातचीत के एक दिन बाद शुक्रवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ईरान के सर्वोच्च नेता रहे अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर अब तक मौन हैं क्योंकि वह अपने अमेरिकी एवं इजराइली “दोस्तों” को नाराज नहीं करना चाहते। प्रधानमंत्री मोदी ने बृहस्पतिवार को ईरानी राष्ट्रपति से फोन पर बात की थी और युद्ध रुकने के लिए बातचीत की जरूरत पर जोर दिया था तथा नागरिकों के मारे जाने पर चिंता जताई थी।
जयराम रमेश ने कहा कि कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है। संसद में भी अब तक इस मामले में कोई शोक प्रस्ताव पेश नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यह ‘समझौते’ वाले नेतृत्व द्वारा अमेरिकी-इजरायली सहयोगियों को नाराज न करने का संकेत है। जयराम रमेश ने कहा कि कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है। संसद में भी अब तक इस मामले में कोई शोक प्रस्ताव पेश नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यह ‘समझौते’ वाले नेतृत्व द्वारा अमेरिकी-इजरायली सहयोगियों को नाराज न करने का संकेत है।
