
रांची : नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की ओर से पूर्व मंत्री आलमगीर आलम पर की गई टिप्पणी के विरोध में प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सोनाल शांति ने कहा है कि थोड़ी देर हुई लेकिन न्याय की पहली सीढ़ी पर आलमगीर आलम ने कदम रख दिया है। आज उन्हें जमानत मिली है आगे आने वाले समय में सभी झूठे आरोपों से भी वे मुक्त होंगे। जब आरोपी के समर्थन में भाजपा की एजेंसी न्यायालय में दावों को पेश नहीं कर पाई तब न्यायालय द्वारा उचित न्यायिक प्रक्रिया के तहत आलमगीर आलम को जमानत दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी की ओर से हर संभव कोशिश की गई ताकि उन्हें जमानत ना मिले लेकिन हमें न्यायिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा था। आने वाले समय में भी यह साफ देखने को मिलेगा किस तरह से एजेंसियों ने संपूर्ण न्याय व्यवस्था और न्याय संहिता के साथ भद्दा मजाक किया था। भारतीय न्याय संहिता की धारायें देश के विपक्षी नेताओं के खिलाफ एक हथियार बन गई है जिसका उपयोग लगातर अपराधियों के बजाय सरकार के खिलाफ उठने वाली आवाजों और आंदोलनकारीयों के खिलाफ होता है।
उन्होंने बाबूलाल मरांडी को नसीहत देते हुए कहा कि घोटाले बाज और भ्रष्टाचारियों की फौज के सेनानायक को किसी और की तरफ उंगली नही उठानी चाहिए। न सिर्फ बाबूलाल जी की टीम में भ्रष्टाचारवीर भरे पड़े हैं बल्कि अपने राष्ट्रीय नेतृत्व की और नजर डालेंगे तो एक से बढ़कर एक कलंकित चेहरे उन्हें दिखेंगे।

