
Election Seizures: आगामी विधानसभा और उपचुनावों को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने देश के पांच राज्यों में सख्त निगरानी अभियान शुरू कर दिया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, अब तक 651.51 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी, शराब, नशीले पदार्थ और मतदाताओं को प्रभावित करने वाली अन्य सामग्रियां जब्त की जा चुकी हैं।
चुनावी प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए आयोग ने बड़े स्तर पर टीमें तैनात की हैं। 5,173 से अधिक फ्लाइंग स्क्वॉड सक्रिय हैं, जिन्हें किसी भी शिकायत पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, 5,200 से ज्यादा स्टैटिक सर्विलांस टीमें विभिन्न क्षेत्रों में चेकिंग और नाकेबंदी कर रही हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, 26 फरवरी 2026 को इलेक्ट्रॉनिक सीजर मैनेजमेंट सिस्टम (ESMS) लागू होने के बाद से 5 अप्रैल तक ये जब्तियां दर्ज की गई हैं। राज्यवार स्थिति देखें तो पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा 319 करोड़ रुपये की जब्ती हुई है। तमिलनाडु में 170 करोड़ रुपये से अधिक, असम में 97 करोड़ रुपये से ज्यादा और केरल में करीब 58 करोड़ रुपये की सामग्री जब्त की गई है।
कुल जब्त सामग्री में 53.2 करोड़ रुपये नकद, 79.3 करोड़ रुपये की लगभग 29.63 लाख लीटर शराब, 230 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ, 58 करोड़ रुपये की कीमती धातुएं और 231 करोड़ रुपये से अधिक की उपहार सामग्री शामिल है। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
