रांची : फ्लोरेंस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन ने शिक्षा की गुणवत्ता और अनुशासन से कभी समझौता नहीं किया। संस्थान आज भी संस्थापक हाजी अहसान अंसारी के बताए हुए सिद्धांतों पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। शनिवार को ये बातें कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहीं। वे इरबा स्थित फ्लोरेंस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन में आयोजित 22 वें लैंप लाइटिंग एंड कैंपिंग सेरेमनी में बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थीं।

शिल्पी ने कहा कि यही वजह है कि झारखंड ही नहीं दूसरे राज्यों के छात्र भी इस संस्थान में नामांकन लेने की ख्वाहिश रखते हैं। उन्होंने कहा कि सेवा का मार्ग आसान नहीं होता, ये संघर्ष और त्याग का मार्ग है। कई बार ना चाहते हुए भी, समय की सीमा को लांघते हुए अपने कर्तव्य का निर्वहन करना पड़ता है। इस संस्थान में बहुत सारे ऐसे गरीब परिवार के बच्चे नर्सिंग की शिक्षा ले रहें हैं, जिनके माता-पिता ने बहुत मुश्किल हालात में उन्हें यहां भेजा है।

छात्रों को कड़ी मेहनत और लगन के साथ अपने परिवार के सपनों को साकार करना है। राज्य में संवेदनशील सरकार है और मेडिकल के क्षेत्र में जिस तरह की भी मदद की जरूरत हो, सरकार उसे पूरा करने का प्रयास करेगी। कार्यक्रम में मेदांता के सलाहकार मंजूर अहमद अंसारी, निदेशक डॉ शाहीन कौशर सहित अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।




